बुरहानपुर में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत नेपानगर क्षेत्र के वन ग्राम मांडवा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ट्रेनी आईएफएस और नेपानगर वन परिक्षेत्र के प्रभारी अजय गुप्ता और एसडीओ विक्रम सुलिया ने स्कूली आदिवासी बच्चों से संवाद किया। जंगल और वन्य जीवों के संरक्षण पर चर्चा अधिकारियों ने बच्चों को जंगल की अहमियत और वन्य प्राणियों की घटती संख्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब जंगल में जानवर कम दिखाई देते हैं, जिसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियां और अंधाधुंध कटाई है। बच्चों को बताया गया कि जंगल और उसके जीव हमारे पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं, इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी है। पौधरोपण और मिट्टी संरक्षण की सलाह बच्चों को खेतों की मेढ़ों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि मिट्टी का कटाव रोका जा सके। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि पेड़-पौधे न सिर्फ पर्यावरण को बचाते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन में भी मदद करते हैं। करियर के लिए मार्गदर्शन दिया अधिकारियों ने बच्चों से उनके भविष्य के सपनों पर बात की। किसी ने पुलिस बनने की इच्छा जताई, तो किसी ने डॉक्टर या शिक्षक बनने की। बच्चों को समझाया गया कि पढ़ाई से ही वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं और अपने समाज को आगे बढ़ा सकते हैं। क्विज प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में वन्य प्राणी संरक्षण पर आधारित एक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए। इसके साथ ही सभी बच्चों को पौधे वितरित किए गए और उन्हें इन पौधों की देखभाल करने की शपथ भी दिलाई गई। यह रहे उपस्थित कार्यक्रम में वनकर्मी कमलेश रघुवंशी सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों को वन और वन्य जीवन के महत्व को समझाने में सहयोग किया।


