सबरीमाला मंदिर गोल्ड कॉन्ट्रोवर्सी:केरल हाईकोर्ट बोला- सोना शादी में इस्तेमाल होना था,  त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को पता था

केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला मंदिर के द्वारपालकों की मूर्तियों से जुड़े सोना चोरी के मामले में कहा, ‘उन्नीकृष्णन पोट्टी (गोल्ड प्लेटिंग चढ़वाने वाला) ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) को ईमेल में बताया था कि उसके पास सोने का एक बड़ा हिस्सा है और वह इसे एक शादी में इस्तेमाल करना चाहता है। अदालत ने कहा- इस खुलासे से बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। जो परेशान करती है। इससे पता चलता है कि TDB के अधिकारी के भी पोट्टी के साथ मिले हुए हैं। इसके लिए सिर्फ पोट्टी और स्मार्ट क्रिएशंस (चेन्नई की कमी) ही बल्कि TDB के कुछ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। रिकॉर्ड से साफ पता चलता है कि अधिकारियों को लेन-देन और सोने के अवैध ट्रांसफर की जानकारी थी। दरअसल, सबरीमाला मंदिर में साल 2019 में 42 किलो सोने की परत कई मूर्तियों और दीवार पर चढ़ाई गई थी। इसका काम साल 2020 में पूरा हुआ था। इसके बाद कोविड के दौरान महामारी के नियमों के चलते सोने की परत उतारी गई थी। इसके TDB को सौंपा गया था। इस गोल्ड को चेन्नई को कंपनी को फिर से पॉलिश के लिए सौंपा गया था। उसने बताया था कि परत का वजन 42 किलो की जगह 38 है। इसके बाद पोट्टी ने ही आरोप लगाया था कि मूर्तियों के पीठासन मंदिर से गायब हैं। बाद में केरल हाईकोर्ट के आदेश पर पीठासन की सर्चिंग जारी थी। अदालत ने कहा- अदालत ने कहा कि 2019 में पोट्टी को सोने की परत चढ़ाने के लिए सौंपी गई मूर्तियां केवल तांबे की प्लेटें नहीं थीं, बल्कि 1999 में उन पर सोने की परत चढ़ाई गई थी। अदालत ने कहा- इस खुलासे से चोरी का केस बन गया है। हाईकोर्ट ने जांच के लिए SIT बनाई सोमवार को केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में द्वारपालक मूर्तियों से सोना चोरी के मामले में विस्तृत जांच का आदेश दिया। अदालत ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एच. वेंकटेश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। यह जांच त्रिशूर के केईपीए के सहायक निदेशक एस. शशिधरन, IPS की निगरानी में होगी और इसे 6 हफ्ते के अंदर पूरा करना होगा। . केरल विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने इस मुद्दे पर देवस्वम बोर्ड मंत्री वी.एन. वासवन के इस्तीफे की मांग की। इसके चलते विधानसभा में हंगामा हुआ जिससे मंगलवार को भी कार्यवाही स्थगित कर दी गई। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष नारेबाजी करते हुए तख्तियां लहराने लगा। विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने कहा कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, विपक्ष सदन नहीं चलने देगा। 29 सितंबर: हाईकोर्ट ने TDB को फटकार लगाई 29 सितंबर को मामले में जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस के वी जयकुमार की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान TDB को फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि भक्तों के चढ़ाए आभूषण और सिक्कों का रिकॉर्ड रजिस्टर में रखा जाता है, जिसमें डिस्क्रिप्शन, तारीख, प्राप्ति और क्वालिटी लिखी जाती है, लेकिन कोडीमारम, द्वारपालक मूर्तियां, पीडम जैसी अन्य चीजों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि 1999 में श्रीकोविल की छत पर सोने की परत चढ़ाने के काम का रजिस्टर भी गायब है। कारीगरों के अनुसार तब 30 किलो से ज्यादा सोना इस्तेमाल हुआ था, लेकिन कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि एक्सपर्ट की मदद से मंदिर की सभी कीमती चीजों की पूरी इन्वेंटरी और मूल्यांकन किया जाए। देवस्वम बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही की भी जांच की जाए। मामले की अगली सुनवाई अब अक्तूबर के अंत में होगी। केरल के सबरीमाला मंदिर से गायब हुआ था 4 किलो सोना केरल के सबरीमाला मंदिर से गायब हुआ 4 किलो सोना 27 सितंबर को बरामद हुआ। केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर मंदिर का मैनेजमेंट संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) की विजिलेंस विंग ने इसकी बरामदगी वेनजारामूडु इलाके से की। ये सोना मंदिर के द्वारपालकों की मूर्ति के पीठासन (तांबे के आसन) पर चढ़ाया गया था। जिस व्यक्ति ने इसके गुमने की शिकायत की थी, उसी ने ही सोना लगवाया था। 4 किलो गोल्ड परत भी उसी की बहन के घर बरामद हुआ। शख्स का नाम उन्नीकृष्णन पोटी है, वो बेंगलुरु का रहने वाला है। क्या होता है पीडम… पीडम (या पीठम) दक्षिण भारत में उस बेस को कहते हैं जिसपर किसी देवता या देवी की मूर्ति रखी होती है। ये किसी भी धातु की हो सकती है या इसपर सोने की परत चढ़ाई जाती है।
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