जिले के दानपुर थाना क्षेत्र में एक एजुकेशन संस्था पर लगभग 180 बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए ठगने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवाओं ने सामूहिक रूप से दानपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार, स्वामी विवेकानंद एजुकेशन एंड वेलफेयर संस्था के एजेंट कालाखेता निवासी केसर व पति नारायण और लता चौहान ने युवाओं को शिक्षक सहायक और एरिया मैनेजर के पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। युवाओं को बताया कि चयनित उम्मीदवारों को गांव-ढाणियों में बच्चों को पढ़ाने और बांसवाड़ा से आने वाले पोषाहार को बच्चों तक पहुंचाने का कार्य सौंपा जाएगा। इस तरह दो से तीन महीने ऐसा कार्य भी करवाया। लेकिन कोई सैलरी नहीं मिलने पर ठगी का एहसास हुआ। इस झांसे में आकर युवाओं ने शिक्षक सहायक पद के लिए 7 हजार से 10 हजार और एरिया मैनेजर पद के लिए 30 हजार से 35 हजार तक दिए। पैसे जमा होने के बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए। पीड़ित लोगों ने बताया की बाद में पता चला कि संस्था का कोई सरकारी पंजीकरण या मान्यता नहीं है। दानपुर थानाधिकारी राजवीर सिंह ने बताया की लोगों से ठगी करने की रिपोर्ट आई हैं। परिवाद में रखकर इसकी जांच की जा रही हैं। एरिया मैनेजर पोस्ट के 32 हजार दिए छोटी सरवन के खानपुरा निवासी पूजा निनामा ने बताया की उससे एरिया मैनेजर पद के लिए 32 हजार रुपए लिए गए। करीब 3 महीने काम करवाया गया। तनख्वाह नहीं आई आने पर पूछा तो संस्था बन्द होने का हवाला दिया गया। गांवों में सेंटर पर बच्चों की देखरेख का कार्य करती थी। उसे क्षेत्र के एजेंट केसर व नारायण ने पैसे लेकर संस्था से जोड़ा था। बोला- जेल से आकर देख लेंगे छोटी सरवन क्षेत्र के सभी पीड़ित युवक-युवतियां एकत्र होकर दानपुर थाने पहुंचे और सामूहिक रूप से एफआईआर दर्ज करवाई। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो केसर और नारायण ने उन्हें धमकी दी की जहां शिकायत करनी है कर दो, जेल भेज दो, जेल से आकर तुम्हें देख लेंगे। झूठे वादे करके लूट रहे छात्र नेता आनन्द निनामा ने कहा कि ऐसे फर्जी संस्थाएं क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और बेरोजगार युवाओं को झूठे वादे करके लूट रही हैं। उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता प्रभुलाल कटारा ने कहा कि ऐसे फर्जी संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि बेरोजगार युवा इनके झांसे में न आएं। पीड़ितों में देवीलाल, सीमा खराड़ी, राजू कुमारी, आशा निनामा, पप्पू सिंह मईडा, मुकेश, विकास मईडा, सविता कुमारी, जयंतीलाल, वीरचंद, पवन रावत लतेश मईडा समेत अन्य पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। संस्था से जुड़े लोग बोले- सबको सैलरी दे रहे, बकाया का मामला संस्था से जुड़ी केसर ने बताया कि कुछ लोगों को उनके काम का भुगतान कर दिया गया है। कुछ लोग बाकी हैं उन्हें भी सेलरी दे दी जाएगी। वहीं लता चौहान ने कहा की वह संस्था में कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्य कर रही हैं। संस्था ने 5 हजार रुपए युवाओं से प्रवेश के लिए थे। उससे ऊपर कोई वहां के लोकल लोगों ने लिया है। संस्था के कॉर्डिनेटर दीपक कुमार ने बताया कि बांसवाड़ा जिले में संस्था से 843 लोग जुड़े हुए हैं। अगस्त 2024 से संस्था जिले में काम कर रही हैं। सबको समय पर सेलरी मिल रही हैं। छोटी सरवन इलाके से शिकायत आई हैं। वह उनके उधारी का मामला हैं।


