न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 मनमोहन चंदेल ने नारेली स्थित हाड़ी रानी महिला बटालियन में 2015 में स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजन के दौरान चाय-नाश्ता और बड़े खाने के नाम पर आवंटित सरकारी राशि का गबन करने के मामले में बटालियन की तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट यशविनी राजोरिया सहित चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्रथमदृष्ट्या अपराध प्रमाणित मानते हुए इनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। यशविनी वर्तमान में पुलिस भर्ती और पदोन्नति बोर्ड जयपुर में एडिशनल एसपी के पद पर कार्यरत हैं। अन्य आरोपियों में बूंदी लाखेरी के डीएसपी घनश्याम वर्मा, हेड कांस्टेबल पूजा तंवर और गोविंदसिंह शामिल हैं। कोर्ट ने एसपी को आरोपियों की गिरफ्तारी कर 11 अक्टूबर को पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की जांच में ढिलाई बरतने और लंबे समय तक साक्ष्य पेश नहीं करने के मामले में अलवर गेट थाने के पूर्व प्रभारियों व जांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश आईजी अजमेर रेंज को दिए हैं। कोर्ट की टिप्पणीः राजधन का गबन चाहे 1 रुपए का हो या 1 करोड़ का, आरोपी बच नहीं सकते हाड़ीरानी महिला बटालियन के तत्कालीन सहायक कमांडेंट राजेन्द्र सिंह ने अदालत में पेश वाद पेश में बताया था कि वह वर्ष 2014 में बटालियन में सहायक कमांडेंट के पद पर कार्यरत था। उस समय कमांडेंट का पद रिक्त होने के कारण डिप्टी कमांडेंट यशस्विनी राजोरिया उक्त पद पर थीं। वर्ष 2015 में हाड़ीरानी बटालियन द्वारा अंतर रेंज टूर्नामेंट का आयोजन किया था। इसके लिए 1 लाख 10 हजार रुपए केंद्रीय फंड से तथा करीब 39 हजार रुपए एडीए द्वारा टूर्नामेंट आयोजन के लिए दिए गए थे। आयोजन में राजोरिया द्वारा तत्कालीन कंपनी कमांडर घनश्याम वर्मा और पूजा तंवर के साथ मिलीभगत कर बहुत कम राशि खर्च की और शेष राशि फर्जी भुगतान बिल तैयार कर हड़प ली। आगरा गेट ओम चाट भंडार का 4800 का फर्जी चाट-पकौड़ी का बिल बनाया, जबकि इस नाम की कोई दुकान नहीं है। नजीर फ्रूट भंडार का करीब 2 हजार रुपए का फर्जी बिल बनाया, यह दुकान भी मौजूद नहीं है। वड़ापाव भंडार, रामू फल विक्रेता, रामदेव टी स्टॉल के दुकानों के फर्जी बिल बनाएए, जबकि उक्त नाम की दुकान नहीं है। रामदेव हलवाई का 50 रुपए प्रति डाइट के हिसाब से 385 डाइट का करीब 19 हजार रुपए का बिल खिलाड़ियों को बड़ा खाना के नाम से बनाया गया जबकि इस प्रकार का कोई आयोजन टूर्नामेंट समाप्ति पर नहीं किया गया। स्टार भारत की दुकान से टूर्नामेंट समाप्त होने के एक महीने बाद करीब 17 हजार रुपए के ट्रेक सूट का बिल भुगतान करवा लिया। जांच अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई के आदेश कोर्ट ने फैसले में माना है कि मामले में जांच करने वाले अलवरगेट के पूर्व थाना अधिकारियों रमेंद्र सिंह हाड़ा, श्याम सिंह, नरेंद्र जाखड़, एसआई मुन्नी राम चोयल, दातार सिंह बेड़तिया और भवानी सिंह सहित एएसआई शंकर लाल ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की थी। इनके खिलाफ अदालत ने विभागीय कार्रवाई के निर्देश आईजी अजमेर रेंज को दिए है।


