जबलपुर के खितौला में इसाफ स्माल बैंक में डकैती डालने वाले 11वें आरोपी को क्राइम ब्रांच की टीम ने सागर से गिरफ्तार किया है। वह एक गांव में छिपा था। गिरफ्त में आए आरोपी का नाम बबलू उर्फ बाबू सिंह है। वह पाटन के उड़ना करैया गांव का रहने वाला है। पुलिस ने बदमाश के पास से 40 हजार रुपए भी बरामद किए है। क्राइम ब्रांच की टीम अब डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान और उसके साथी बच्चन पासवान की तलाश करने के लिए बिहार में डेरा डाले हुए है। साढ़े 14 करोड़ की डकैती के प्लान को अंजाम तक पहुंचाने में बबलू की अहम भूमिका रही है। बबलू ने ही पार कराया था जंगल का रास्ता
11 अगस्त की सुबह बैंक से साढ़े 14 करोड़ रुपए के जेवरात और करीब साढ़े पांच लाख रुपए लूटकर फरार होने के बाद 2 बाइक में सवार होकर पांचों डकैतों इंद्राना के पास स्थित मुरैथ-लमकना रोड पहुंचे थे। वहां बबलू इंतजार कर रहा था। सभी लोग मेन रोड से करीब 10 किलोमीटर दूर घने जंगल में गए, जहां लूट का सोना और रुपए आपस में बांट लिए। बैंक के बैग को वही पर जला दिया। गैंग के सरगना राजेश दास ने प्लान के मुताबिक बबलू को मदद करने के लिए 50 हजार रुपए नकद दिए। इसके बाद 2 डकैत बस में बैठकर दमोह के लिए रवाना हो गए। मदद के लिए बबलू बाइक में जंगल के रास्ते आगे-आगे चल रहा था। बबलू का काम था कि अगर पुलिस कहीं भी नजर आती तो फौरन वह बस में बैठे डकैतों को सूचना देता। 11 अगस्त की रात को बबलू 2 डकैतों को दमोह रेलवे स्टेशन में छोड़कर वापस अपने घर आ गया। जंगल के रास्ते का किया उपयोग
12 अगस्त की सुबह बबलू ने अपनी बाइक में सुनील पासवान को बैठाया, जबकि उसके साथी रईस लोधी ने दो डकैतों को बाइक में बैठाकर जंगल के रास्ते निकल गया। 10वीं तक पढ़ा बबलू बहुत ही शातिर था, उसे पता चल गया था, बैंक डकैती के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है। ऐसे में उसने सभी के मोबाइल फोन बंद किए और फिर जंगल का रास्ता अपनाया। इंद्राना, मुरैठ से लमखैरी, उमरिया, लमकना के जंगल से होते हुए करीब 70 किलोमीटर के जंगल को डकैतों ने डेढ़ से दो घंटे में पार कर लिया। इसके बाद सभी लोग दमोह रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से तीनों डकैत बिहार के लिए रवाना हो गए, जबकि बबलू और रईस वापस इंद्राना आ गए। घर दिलाया-बाइक दिलवाई
बैंक में डकैती डालने के दौरान क्या-क्या समान की जरूरत पड़ेगी, इसका पूरा प्लान बन चुका था। बबलू ने डकैती में शामिल अपने साथी रईस लोधी के साथ मिलकर सबसे पहले डकैतों को रहने के लिए इंद्राना में किराए का मकान दिलवाया। डकैती के बाद भागने के लिए बाइक की भी जरूरत थी, लिहाजा बबलू ने एक बाइक पाटन से फाइनेंस करवाई। जिसके लिए उसने अपने एक साथी हेमराज के फर्जी दस्तावेज लगाए थे। बाइक खरीदने के बाद बबलू ने डकैतों को उसे दे दी थी। बैंक में डकैती डालने के पहले डकैतों ने आसपास रेकी की थी, जिसमें बबलू भी शामिल था। 24 घंटे गांव में तैनात थी पुलिस
जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने भले ही एक के बाद एक खितौला बैंक डकैती में शामिल हुए अपराधियों को पकड़ने में कामयाबी पाई थी, पर अभी भी बबलू के साथ दो और डकैत फरार थे, जिनकी तलाशी के लिए 24 घंटे पुलिस अलर्ट थी। क्राइम ब्रांच की एक टीम बबलू के गांव उड़ना पाटन में डेरा डाले हुए थी। मुखबिर से पुलिस को सूचना भी मिली की बबलू पाटन के आसपास देखा गया है। वह गांव आने की फिराक में है, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया। क्राइम ब्रांच एएसपी जितेंद्र सिंह को सूचना मिली कि बबलू सागर जिले के देवरी में छिपकर बैठा हुआ है। टीआई शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर दबिश दी और गिरफ्तार किया। 10 आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार, बबलू 11वां
11 अगस्त को दिन दहाड़े करोड़ों की डकैती ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, एसपी संपत उपाध्याय फौरन घटनास्थल पहुंचे और बैंक का जायजा लिया। आईजी के निर्देश पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीम बनी। एएसपी जितेंद्र सिंह और एएसपी सूर्यकांत शर्मा टीम को लीड कर रहे थे। 18 अगस्त को जबलपुर पुलिस ने रईस सिंह,डकैतों को मकान दिलवाने वाले सोनू बर्मन, पाटन के हेमराज सिंह और विकास चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 1.83 लाख रुपए नकद, 2 बाइक और अन्य सामान बरामद कर लिया, पर बैंक से चोरी हुए साढ़े 14 करोड़ रुपए के सोने के जेवरात बरामद नहीं हुए थे। 23 और 24 सितंबर की दरमियानी रात को पुलिस ने बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना के कोलुबरा के रहने वाले जहांगीर आलम अंसारी को और शेरघाटी के हरिओम ज्वेलर्स के मालिक हरिप्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया। वही, 28 सितंबर को गया जिले के आमस थाना बेलखेड़ा गांव से गोलू पासवान और गोल्ड बेचने वाले उमेश पासवान को पकड़ा। अब बाबू सिंह लोधी भी पुलिस गिरफ्त में आ गया है। सोना बरामद करना चुनौती
बैंक डकैती में जबलपुर पुलिस ने अभी तक बिहार के तीन डकैतों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन, अभी भी सोना बरामद होना बाकी है। पुलिस ने अभी तक साढ़े तीन किलो सोना और रुपए बरामद कर पाई है। करीब 11 किलो सोना अभी भी मिलना बाकी है। एमपी पुलिस ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर फरार डकैतों को तलाश के लिए डेरा डाले हुए है। एएसपी जितेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। सुनील पासवान और उसका साथी फरार
पुलिस का कहना है कि राजेश दास का खास साथी सुनील पासवान और उसका साथी बच्चन पासवान फरार है, जल्द ही वह भी गिरफ्त मे होगा। जबलपुर क्राइम ब्रांच ने अब तक लगभग 400 ग्राम सोने के अलावा डकैती का सोना बेचकर खरीदी गई एक होंडा कंपनी की लगभग 2 लाख रुपए की मोटर साइकिल, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, सोना गलाने वाला गैस कटर एवं अन्य औजार और जमीन खरीदी के कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 50 लाख आंकी गई थी। इसके साथ ही कुछ नकदी भी बरामद की है। यह खबर भी पढ़ें…
एमपी में 14 करोड़ का सोना लूटा, बिहार में छिपाया जबलपुर के सिहोरा में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 करोड़ का सोना और 5 लाख कैश लूटने के मामले का खुलासा हो गया। रविवार को पुलिस ने 4 आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…


