नरसिंहपुर जिले के गांगई गांव में मंगलवार रात करीब 9 बजे दो परिवारों के खूनी संघर्ष में एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई, जबकि दोनों पक्षों के 12 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है, जिन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद चीचली थाने की पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस न तो स्पष्ट जानकारी दे रही है और न ही घायलों और आरोपियों के नाम बता रही है। दरअसल, गांगई गांव में शर्मा और चौरसिया परिवार रहते हैं। चौरसिया परिवार के सदस्य द्वारका चौरसिया जब मंदिर से लौट रहे थे, तभी शर्मा परिवार के पिता-पुत्रों ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि सिर पर गंभीर चोट लगने से द्वारका चौरसिया की मौके पर ही मौत हो गई। द्वारका चौरसिया का मंझला बेटा और भतीजा उन्हें बचाने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि रामफल शर्मा ने तलवार से उन दोनों पर भी हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा अन्य परिजनों को भी लाठी-डंडों से पीटा। गाडरवारा एसडीओपी रत्नेश मिश्रा ने बताया कि घटना की वजह प्रेम संबंध हो सकता है। चौरसिया परिवार का एक युवक कुछ समय पहले पंडित समाज की एक लड़की को लेकर भाग गया था। लड़की की वापसी के बाद से दोनों परिवारों में तनाव था। आशंका है कि इसी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। घटना के बाद चीचली पुलिस का रवैया लापरवाही भरा रहा। वारदात की सूचना सार्वजनिक करने के बजाय पुलिस इसे दबाती रही। थाना प्रभारी और जिला अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मी घायलों और घटना से संबंधित सवालों पर चुप्पी साधे रहे। उनका कहना था कि शिकायतों और आवेदन की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


