बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार अपने परिवार के साथ जयपुर के आमेर महल घूमने पहुंचे। जैसे ही उनके फैंस को इस बारे में पता चला तो भीड़ ने उनको घेर लिया। इस दौरान वह करीब 20 मिनट तक गाड़ी में ही बैठे रहे और 20 मिनट बाद बिना आमेर महल देखे लौट गए। दरअसल, अक्षय कुमार सोमवार को अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना और बच्चों के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट करने के लिए जयपुर आए थे। मंगलवार को होटल लीला पैलेस में उन्होंने नए साल का जश्न मनाया। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 12:10 पर वे आमेर महल पहुंचे। यहां इतनी भीड़ हो गई कि वे गाड़ी से बाहर भी नहीं निकल पाए। दोपहर करीब 12:33 पर वे परिवार के साथ निकल गए। परिवार पहुंचा आमेर महल, अक्षय ने किया इंतजार
अक्षय कुमार बुधवार को तीन गाड़ियों के काफिले के साथ आमेर महल पहुंचे थे। जलेब चौक तक पहुंचते ही उनकी गाड़ी को फैंस ने घेर लिया। अक्षय को देखने के लिए लोग इतने उत्साहित हो गए कि गाड़ी के चारों ओर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को देखते हुए अक्षय अपनी गाड़ी से बाहर नहीं निकले। अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना और बच्चे पहली गाड़ी में सवार थे। ऐसे में वे पहले ही आमेर महल पहुंच गए थे। भीड़ उन्हें पहचान नहीं पाई तो वे आराम से आमेर महल घूमने निकल गए। जैसे ही दूसरी गाड़ी वहां पहुंची तो महल में मौजूद लोगों ने अक्षय कुमार को पहचान लिया और उनकी गाड़ी को घेर लिया। इस बीच उन्होंने गाड़ी से निकलने का भी प्रयास किया, लेकिन वे बाहर नहीं निकल पाए। आखिरकार उन्होंने अपनी गाड़ी के चारों तरफ काले पर्दे लगवा दिए। इसके बाद परिवार का इंतजार करने लगे। यहां करीब 20 मिनट के बाद जब उनकी पत्नी और बच्चे आए तो वे होटल के लिए रवाना हुए। ट्विंकल खन्ना और बच्चों ने विजिट किया आमेर महल
आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने कहा- पुलिस से वीआईपी की गाड़ी का मैसेज आया था, जिसके चलते उनकी गाड़ियां जलेब चौक तक पहुंच गई थी। हमें अक्षय कुमार या उनकी फैमिली के आने की कोई सूचना नहीं थी। अक्षय कुमार को फैंस ने गाड़ी में देख लिया और उनको देखने के लिए भीड़ जमा हो गई थी। ट्विंकल खन्ना और बच्चों ने आमेर महल विजिट किया। लीला पैलेस में ठहरे हैं अक्षय कुमार
अक्षय कुमार अपनी फैमिली के साथ जयपुर के कूकस स्थित लीला पैलेस में रुके हुए हैं। नए साल पर उन्होंने राजस्थान की संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव करने का निर्णय लिया है। नए साल की पूर्व संध्या पर अक्षय कुमार आमेर के पास स्थित हाथी गांव भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने महावतों के साथ समय बिताया और हाथियों के बारे में जानकारी ली। अक्षय और उनके बच्चों ने हाथियों को फल खिलाए और बच्चों ने हाथी की सवारी का आनंद भी लिया।


