चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ड्रग्स सप्लायर बंटी को लेकर दिल्ली में दबिश दी। पुलिस ने कई जगहों से केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी इकट्ठा की हैं। इसके अलावा पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की है। पुलिस ने नशे के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 523 ग्राम कोकीन बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। साथ ही नकदी और सोने की ज्वेलरी भी जब्त की गई है। अभी नहीं किया खुलासा सूत्रों से पता चला है कि क्राइम ब्रांच की टीम को बंटी की गिरफ्तारी के समय जो एक डायरी बरामद हुई थी, उसमें दिल्ली और उसके आसपास के कई ड्रग्स सप्लायर्स के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। जिसके बाद दिल्ली से आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम बनाई गई और दिल्ली भेजी गई। टीम के साथ बंटी भी मौजूद था। पुलिस ने दिल्ली व उसके आसपास कई ठिकानों पर रेड की और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। पता चला है कि पुलिस के हाथ वहां से कई अहम सबूत लगे हैं, लेकिन इसे लेकर क्राइम ब्रांच का कोई भी अधिकारी नहीं बोल रहा है कि दिल्ली से क्या-क्या बरामद किया गया। यही नहीं, पुलिस ने कुल 5 आरोपी पकड़े थे, उनकी जानकारी भी अभी तक पूरी तरह मीडिया को नहीं दी गई है। जबकि खुद एसपी क्राइम जसबीर बड़े कई मामलों में पुलिस हेडक्वार्टर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते रहे हैं, लेकिन इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। पुलिस ने इन 5 आरोपियों को पकड़ा आरोपियों की पहचान डड्डूमाजरा निवासी सोनू उर्फ कालू, मलोया के स्मॉल फ्लैट्स निवासी सलमान उर्फ मुन्ना, सेक्टर-25 निवासी अनूप, सेक्टर-38D निवासी सुनील उर्फ दर्शी, और दिल्ली के हिमगिरि एनक्लेव न्यू बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी निवासी बंटी के रूप में हुई है। पहले मामला ठंडे बस्ते चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच द्वारा नकली नोट के साथ पकड़े गए 3 आरोपी गौरव कुमार, विक्रम मीणा उर्फ विक्की और जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि इस केस के तार अब चीन से जुड़ रहे हैं, क्योंकि जो नकली नोट के बीच में तार का इस्तेमाल हो रहा था, वह चीन से मंगवाई जाती थी। वहीं इस केस का मुख्य आरोपी गोडिंया अभी भी फरार है। सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने जो 3 आरोपी पकड़े हैं, उनके पास तो आगे कोरियर के जरिए सप्लाई आती थी। इस पूरे गिरोह का मुख्य आरोपी गोडिंया, जो गुजरात में छिपा हुआ है, वहीं से अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है। आरोपी गोडिंया चीन से नोट के बीच में डालने वाली तार को मंगवाता है और आगे जहां-जहां से नकली नोट की डिमांड आती है, वहां उसे कोरियर के जरिए भिजवा देता है। वहीं अब अगर चंडीगढ़ पुलिस के हाथ गोडिंया आ जाता है तो अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जानिए कितने पैसे मिले थे इनके पास क्राइम ब्रांच ने शिशु निकेतन स्कूल, सेक्टर-22 के पास से गौरव कुमार और विक्रम मीणा को नकली 500 रुपए के नोट चलाते हुए पकड़ा था। तलाशी में काले बैग से 19 नकली 500 रुपए के नोट बरामद हुए। आगे तलाशी में सिल्वर रंग की टाटा हैरियर से 1 हजार 626 नकली 500 के नोट मिले। विक्रम मीणा की ऑल्टो कार से 392 नकली 500 के नोट बरामद हुए। विक्रम मीणा संगरूर में DTDC के जरिए कुरियर एजेंट के रूप में काम करता है। उसकी दुकान से 10 नकली 500 के नोट और कुछ 100 के नकली नोट बरामद हुए। जांच में पता चला कि ये नोट झलावाड़ (राजस्थान) से कुरियर के जरिए भेजे गए थे और हिमाचल के कटिपरी के निवासी आरोपी गौरव कुमार की मौजूदगी में यहां पहुंचाए गए थे। गौरव कुमार के पास से भी चार पैकेट में 400 नकली 500 रुपए के नोट बरामद हुए। राजस्थान में छापेमारी कर आरोपी जितेंद्र शर्मा को झालरापाटन, जिला झालावाड़ से गिरफ्तार किया गया। उसके किराए के मकान से 12 लाख 20 हजार 700 रुपए मूल्य के नकली नोट, प्रिंटर, बॉन्ड पेपर और नकली करेंसी छापने में प्रयुक्त अन्य उपकरण मिले। इस गिरोह में नकली नोट आमतौर पर 1:3 के अनुपात पर असली करेंसी के बदले दिए जाते थे यानी 1 लाख असली रुपए के बदले लगभग 3 लाख नकली नोट मिल जाते थे।


