CGPSC 2024 रिजल्ट…दुर्ग के देवेश साहू टॉपर:सब्जी बेचने वाले की बेटी ने ST-वर्ग में टॉप किया; पिता ने पढ़ाई के लिए जमीन बेची

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2024 के फाइनल रिजल्ट 20 नवंबर की देर रात जारी कर दिए हैं। टॉप 10 में लड़कों ने बाजी मारी है। लिस्ट में 2 लड़कियां भी शामिल हैं। पहले स्थान पर दुर्ग के देवेश प्रसाद साहू ने जगह बनाई है। सरगुजा जिले में सब्जी बेचने वाले की बेटी चंचल पैकरा ने अनुसूचित जनजाति वर्ग में टॉप किया है। वहीं सरगुजा के मयंक मंडावी ने ST कैटेगरी में दूसरा स्थान हासिल किया है। दोनों के रैंक के हिसाब से उन्हें डिप्टी कलेक्टर पद मिल सकता है। चंचल पैकरा ने पहली बार PSC मेन्स की परीक्षा दी थी। उनके माता-पिता किसान है और सब्जी भी बेचते हैं। बताया जा रहा उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए जमीन भी बेच दी थी। मयंक वर्तमान में GST इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।
20 नवंबर की रात रिजल्ट जारी होते ही CGPSC की वेबसाइट कुछ देर के लिए क्रैश हो गई थी। इंटरव्यू के लिए कुल 643 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया था। जिसमें पहली बार फेसलेस इंटरव्यू लागू किया गया । कैंडिडेट मेरिट लिस्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर देख सकते हैं। बिलासपुर की शताक्षी पांडेय को छठवां रैंक शताक्षी ने फीमेल कैंडिडेट्स में पहला स्थान हासिल किया है। तीसरे प्रयास में शताक्षी को ये सफलता हासिल हुई है। शताक्षी वित्त विभाग में अपनी सेवाएं देना चाहती हैं। चंचल पैकरा का ओवर ऑल रैंक 204 चंचल पैकरा का ओवर आल रैंक 204 है। चंचल पैकरा BE सिविल हैं। चंचल ने इसके पहले एक बार PSC प्री की परीक्षा दी थी। सफल नहीं होने पर कोचिंग की और प्री के बाद मेन्स निकाला। CGPSC 2024 के परिणाम में ST वर्ग में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया है। पिता ने जमीन बेची, बेटी ने सपना किया पूरा चंचल पैकरा सीतापुर के काराबेल निवासी किसान रघुवर पैकरा की बेटी हैं। उनके पिता रघुवर पैकरा और मां कुंतिला पैकरा किसान हैं। अतिरिक्त आय के लिए वे काराबेल में सब्जी बेचते हैं। चंचल पैकरा की प्राथमिक शिक्षा काराबेल के सरकारी प्राथमिक शाला में हुई। इसके बाद चंचल का चयन एकलव्य विद्यालय सरना के लिए हुआ। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा चंचल ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। दोनों ही कक्षाओं में वे स्कूल टॉपर रहीं। चंचल ने जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल में 2021-22 में BE किया। BE करने के बाद वे पीएससी की तैयारी में जुट गई। पहली बार सीजी पीएससी की प्री परीक्षा दी तो सफलता नहीं मिली। बेटी के प्रयास को देखते हुए पिता रघुवर पैकरा ने कुछ जमीनें बेची और उसे कोचिंग के लिए बिलासपुर भेजा। चंचल ने CGPSC 2024 की परीक्षा में प्री के साथ मेन्स क्लियर किया और इंटरव्यू तक पहली बार पहुंचीं। CGPSC द्वारा घोषित परिणाम में चंचल पैकरा को ओवर ऑल 204 रैंक मिला है। अनुसूचित जनजाति वर्ग की कैटेगरी में चंचल ने टॉप किया है। वे डिप्टी कलेक्टर बनेंगी। चंचल की छोटी बहन वर्तमान में अंबिकापुर कॉलेज से BSC कर रही है, वहीं छोटा भाई एकलव्य विद्यालय घंघरी में 11 वीं का छात्र है। चंचल पैकरा वर्तमान में बिलासपुर में हैं और CGPSC की तैयारी कर रही थी। मयंक को दूसरा स्थान बनेंगे डिप्टी कलेक्टर CGPSC 2024 में सरगुजा जिले के सीतापुर निवासी मयंक मंडावी को एसटी कैटेगरी में दूसरा रैंक मिला है। वे डिप्टी कलेक्टर बनेंगे। मयंक मंडावी का ओवर ऑल कैटेगरी में 210वां स्थान है। मंयक मंडावी इसके पहले भी CGPSC क्लियर कर चुके हैं। मयंक वर्तमान में वे GST इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने फिर से CGPSC 2024 की परीक्षा दी और एसटी कैटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। मयंक सीतापुर के कटनईपारा निवासी फॉरेस्ट कर्मी रमेश सिंह मंडावी के बेटे हैं। उनकी मां देवमती सिंह हाउस वाइफ हैं। मयंक पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे हैं। पहले ही प्रयास में रोहित ने हासिल की 54वीं रैंक रायगढ़ जिले के रोहित यादव ने 54वीं रैंक हासिल की है। किसान परिवार से आने वाले रोहित की इस सफलता से घर में खुशी का माहौल है। उन्होंने यह रैंक पहले ही प्रयास में हासिल की है। रोहित ने बताया कि उसके पिता एक मध्यम वर्गीय किसान हैं। 3 बहन और एक भाई हैं। पहली से 8वीं तक की पढ़ाई अपने मामा के घर तमता में हुई। मामा दुर्योधन यादव सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। शुरू में पढ़ाई में उन्होंने काफी मदद की। इसके बाद रोहित ने 9वीं से 12वीं तक अंबिकापुर में पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी चला गया। दिल्ली से लौटकर बिलासपुर में CGPSC की तैयारी शुरू की। रोहित ने बताया कि 2 साल तैयारी करने के बाद उन्होंने पहली ही कोशिश में मेन्स और इंटरव्यू दोनों पास कर लिए और 54वीं रैंक हासिल की। ‘फेसलेस इंटरव्यू’ पहली बार लागू जानकारी के मुताबिक, 10 से 20 नवंबर तक इंटरव्यू चला। पिछले विवादों को देखते हुए इस बार PSC ने फेसलेस इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई गई। इंटरव्यूअर को उम्मीदवार की पहचान नहीं बताई गई। सभी अभ्यर्थियों को कोड नंबर दिए गए थे। इससे चयन प्रक्रिया और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई। ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… CGPSC घोटाला…37 सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को नियुक्ति का आदेश: हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराया, सरकार की अपील खारिज, पूछा-जांच अधूरी क्यों है छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने CGPSC भर्ती घोटाला मामले में सरकार की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए सरकार को 37 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने सुनवाई की। पढ़ें पूरी खबर…

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