भास्कर न्यूज | जालंधर फगवाड़ा गेट इलाके के व्यापारी अंकुश गुप्ता ने एसएचओ गगनदीप शेखों और पांच अन्य पुलिस कर्मचारियों पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है। शुक्रवार को अंकुश गुप्ता सीपी दफ्तर पहुंचे और बताया कि जालंधर पुलिस मानवाधिकार आयोग के आदेश के बावजूद 40 दिन से आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं कर रही। अंकुश ने कहा कि विवाद की शुरूआत 2018 में दुकान के सामने वाहन पार्किंग को लेकर हुई थी। अश्वनी गेरा ने उनकी दुकान के सामने गाड़ी पार्क की थी, जिसे हटाने की बात पर झगड़ा हो गया। आरोप है कि अश्वनी गेरा ने दुकान में घुसकर उनकी उंगली तोड़ दी थी और एमएलआर कटवा केस दर्ज कराया। इसके बाद से लगातार उनके साथ दुश्मनी दिखाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 3 जुलाई 2023 को डिविजन नंबर 3 पुलिस ने उन्हें दुकान से उठाया और रामा मंडी थाने ले जाकर हवालात में रखा। पुलिस कर्मचारियों ने मारपीट की और कहा कि उनके खिलाफ चल रहे करप्शन केस को वापस लिया जाए। इस दौरान उनके भाई को भी पीटा गया और कपड़े फाड़े गए। अंकुश गुप्ता ने कहा कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और हर बार इन्क्वायरी अफसर को डांटकर मामले को टाल दिया जाता है। उन्होंने एडिशन सीपी से भी न्याय की मांग की। वहीं, राहुल गुप्ता ने कहा कि व्यापारी वर्ग के साथ लगातार धक्का-मुक्की हो रही है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि किसी व्यापारी के साथ अनुचित कार्रवाई नहीं होगी। डीजीपी से भी मिले, लेकिन अभी तक कोई न्याय नहीं मिला।


