गिरिडीह के बगोदर बाजार में भीषण आग:कपड़े की दुकान जल कर हुई राख, तीन फुटपाथ दुकानें भी चपेट में आई, लाखों का नुकसान

गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह बगोदर बाजार स्थित टाउन हॉल के पास एक कपड़े की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में दुकान पूरी तरह लपटों में घिर गई। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते कपड़े की दुकान में रखे सभी कपड़े, सिलाई मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग लगते ही आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बचाने में जुट गए, लेकिन तेज लपटों की वजह से कोई भी अपना सामान बाहर नहीं निकाल सका। कई दुकानों को खाली कराया गया घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना प्रभारी विनय कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। थाना प्रभारी ने तुरंत आसपास की दुकानों को खाली कराया ताकि आग आगे न बढ़ सके। पुलिस कर्मियों और स्थानीय दुकानदारों ने मिलकर बाल्टी और डिब्बों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। लपटें इतनी तेज थीं कि आग बुझाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान आग ने पास की फल-जूस की दुकान और दो अन्य फुटपाथ दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
पुलिस लगातार लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाती रही, जिससे किसी तरह की जानमाल की नुकसान न हो। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि आग की लपटें लगातार ऊपर उठ रही थीं और तेजी से आस-पास फैलने का खतरा था। काफी मशक्कत के बाद पाया नियंत्रण हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद खोरीमहुआ से दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने अथक प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। समय पर दमकल गाड़ी के पहुंचने से आग को अन्य दुकानों और बाजार के भीतरी हिस्से तक फैलने से रोका जा सका, वरना नुकसान का दायरा और बड़ा हो सकता था। बगोदर थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने बताया कि आग तीन फुटपाथ दुकानों तक फैली थी और अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उनकी मानें तो प्राथमिक जांच में आग का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी घटना की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही का पता लगाया जा सके।

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