भास्कर न्यूज | राजनांदगांव स्वास्थ्य विभाग ने जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का पंजीयन 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। विभाग को हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में कई गड़बड़ियां मिली है। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते दिनों हॉस्पिटल जांच की। जिसमें सामने आया कि एक मरीज की मौत के बाद भी उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया है। वहीं आयुष्मान योजना से ब्लड यूनिट का पैसा लेने के बाद भी मरीज के परिजनों से नगद राशि ली गई है। इसी तरह आयुष्मान योजना के अलग-अलग सेगमेंट में मरीज दाखिल होने के नाम पर क्लेम किया गया। जबकि ऐसे कोई भी मरीज हॉस्पिटल में नहीं िमले। इसी तरह जांच टीम को एक भी एमबीबीएस डॉक्टर हॉस्पिटल में मौजूद नहीं मिला। जांच के बाद विभाग ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए गए आयुष्मान योजना के तहत राशि क्लेम को भी निरस्त कर दिया है। वहीं हास्पिटल के पंजीयन को 6 माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। जांच में अस्पताल प्रबंधन द्वारा की गई कई अनियमितता की पुष्टि भी हुई है। निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में उपयोग की जाने वाली योजना संबंधी प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। औचक निरीक्षण के बाद जारी की गई थी नोटिस जिले में स्वास्थ्य विभाग की गठित जांच टीम द्वारा जय तुलसी मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्याप्त कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसके पश्चात अस्पताल संचालक ने पत्र प्रेषित कर सभी कमियों को पूर्ण करा लेने एवं भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने आश्वस्त कराया गया था। दोबारा औचक निरीक्षण के दौरान भी यहां पर गड़बड़ी मिली।


