रांची | झारखंड साहित्य संस्कृति मंच की ओर से ऑनलाइन काव्य गोष्ठी ‘आगत का स्वागत विगत की विदाई’’ का आयोजन हुआ। अध्यक्षता मंच के उपाध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की। गोष्ठी की शुरुआत पूनम वर्मा के वाणी-वंदना से हुई। मंच के सचिव बिनोद सिंह गहरवार ने उपस्थित साहित्यकारों का स्वागत किया। गोष्ठी में गीता सिन्हा गीतांजलि ने ‘मन के आकाश में घुमड़ी बदरियां’ गीत का पाठ किया। विजय रंजन ने ‘कोई विकल्प नहीं था सिवाय इसके मैं अपनी यात्रा स्थगित कर देता’, सुरिन्दर कौर ‘नीलम’ ने ‘चलो सब रिश्तों को थोड़ी ऊष्मा दें’ गाया।


