श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित विशाल नगर कीर्तन आज अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब से श्रद्धा और सम्मान के साथ दिल्ली की ओर रवाना किया गया। यह नगर कीर्तन सीधे दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा सीस गंज साहिब पहुंचेगा। यह वह स्थान है, जहां गुरु श्री तेग बहादुर साहिब जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। गुरु साहिब की अमर शहादत, त्याग और सिख सिद्धांतों के प्रसार के लिए निकाला गया यह कीर्तन आज की संगतों के गहरे भावों और श्रद्धा का प्रतीक बना। रवाना होने के मौके पर हजारों की संख्या में संगतों ने उपस्थित होकर वातावरण को पावन बना दिया। गुरु तेग बहादुर साहिब जी की अमर शहादत को स्मरण करते हुए यह नगर कीर्तन आज पूरे मार्ग में एकता, त्याग और निस्वार्थ सेवा के संदेश को फैलाता हुआ आगे बढ़ रहा है। संगतों के मनों में नई श्रद्धा, चढ़दी कला और आध्यात्मिक ऊर्जा की लहर दिखाई दे रही है।
तस्वीरों में देखिए—नगर कीर्तन का अलौकिक नजारा गुरु साहिब के जन्मस्थान का होगा सौंदर्यीकरण सतनाम वाहेगुरु का निरंतर जाप और गुरबाणी के स्वर अमृतसर की गलियों में गूंज उठे। विशेष रूप से सेवादारों ने भी नगर कीर्तन में भाग लेकर संगतों को गुरु साहिब के उपदेशों पर चलने का संदेश दिया। इस अवसर पर यह घोषणा भी की गई कि गुरु के महल (श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पावन जन्मस्थान) के आसपास बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। यहां कई निर्माण होंगे और खूबसूरत बनाया जाएगा। ताकि यह ऐतिहासिक स्थल और अधिक भव्य रूप ले सके। संगतों ने केंद्र सरकार से यह मांग भी की कि अमृतसर शहर को पवित्र शहर का दर्जा दिया जाए, जिससे ऐतिहासिक धरोहरों और गुरुद्वारों का और बेहतर संरक्षण हो सके।


