सिमडेगा जिले में 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा है। धान कटाई का समय होने के कारण ग्रामीण खेतों में काम कर रहे हैं, जिससे हाथियों की मौजूदगी से चिंता बढ़ गई है। शनिवार को इसी झुंड से बिछड़कर एक हाथी सिमडेगा के जोराम पावर ग्रिड के पास एनएच 143 पर आ गया। हाथी सड़क पर खड़ा होकर इधर-उधर घूमता रहा और पेड़ों की डालियां व पत्ते खाता रहा। राहगीर और स्कूली छात्र भी फंसे रहे इससे सड़क पर दोनों ओर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन बाधित रहा। राहगीर और स्कूली छात्र भी फंसे रहे। गुमला पहुंचा है 18 हाथियों का झुंड इधर, गुमला जिले के भरनो प्रखंड क्षेत्र में 18 जंगली हाथियों के विचरण को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी गुमला ने धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू की है। यह निषेधाज्ञा मोरगांव, मलगो, सुपा और सुकुरहुटू जैसे क्षेत्रों में लागू की गई है, जहां हाथियों का विचरण जारी है। शुक्रवार को हाथी ने एक वृद्ध व्यक्ति को कुचलकर मार डाला था अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज ने बताया कि लोग बेवजह हाथियों को देखने के लिए भीड़ लगा रहे थे। शुक्रवार को एक जंगली हाथी ने एक वृद्ध व्यक्ति को कुचलकर मार डाला था, जिसके बाद प्रशासन ने किसी और अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। वन विभाग की टीम इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। डीएफओ बेलाल अहमद ने बताया कि शुक्रवार को हाथी के हमले में मारे गए ललकु उरांव के परिजनों को तत्काल 10,000 रुपए की सहायता राशि दी गई है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष मुआवजा राशि भी प्रदान की जाएगी।


