एजुकेशन रिपोर्टर|रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के कॉमर्स विभाग में शुल्क वृद्धि के िखलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन और तेज हो गया। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक गुलजार रहने वाला विशाल कैंपस शनिवार को पूरी तरह शांत पड़ा था, न क्लास चली, न लैब खुले, न ही लाइब्रेरी में आवाजाही दिखी। मुख्य गेट के बाहर केवल प्रदर्शनकारी छात्रों की नारेबाजी गूंज रही थी, जबकि प्रशासनिक उदासीनता छात्रों में और नाराजगी भर रही थी। हड़ताल के तीसरे दिन शाम 3.30 बजे तक विवि प्रशासन की ओर से छात्रों से बात करने की कोई पहल नहीं हुई। शुक्रवार को प्रभारी कुलपति अंजनी कुमार मिश्र मात्र 15 मिनट के लिए कैंपस पहुंचे थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों से संवाद किए बिना ही वापस चले गए। शनिवार को डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार प्रदर्शनस्थल के पास से निकले, मगर उन्होंने बातचीत तो दूर, उधर नजर तक नहीं डाली। कैंपस के बाहर आपस में बातचीत कर रहे कुछ शिक्षकों का कहना था कि पिछले तीन दिनों से यूजी-पीजी के करीब 14 हजार छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियां ठप हैं, पर विवि प्रशासन हड़ताल खत्म कराने में कोई तत्परता नहीं दिखा रहा है। शुक्रवार को हुई प्रशासन और छात्रों की वार्ता बिना नतीजे के खत्म हो गई थी। शनिवार को तो स्थिति पूरी तरह ‘जैसे-तैसे चलने दो’ वाली रही।


