परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के यहां ईडी के छापे में आखिर कितनी नकदी मिली- इसको लेकर संशय पैदा हो गया है। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि सौरभ व उसके सहयोगियों चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी के 8 ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इसमें चेतन के नाम से 6 करोड़ की एफडी, सौरभ के परिजनों के नाम पर बैंक खातों में 4 करोड़ रुपए व 23 करोड़ रुपए की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। मंगलवार को ईडी ने बताया कि 6 करोड़ की एफडी, खातों में 4 करोड़ रुपए, 50 लाख की अचल संपत्ति व 23 करोड़ रुपए की नकदी मिली है। एक जनवरी को यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। इसके बाद बुधवार को फिर से 23 करोड़ को संपत्ति बताया गया। डायरी में मेरा नाम नहीं होगा : गोपाल भार्गव
सौरभ शर्मा के घर से जब्त लाल डायरी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दावा किया था कि इसमें 2 हजार करोड़ का हिसाब है। बुधवार को पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं हैं, पर मेरा नाम डायरी में कहीं भी नहीं होगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी ने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि भ्रष्टाचार के ये तरीके किसकी सरकार में कब-कब किसने सिखाए थे। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने लोकायुक्त के छापे की ईडी जांच की मांग की।


