पंजाब के लुधियाना में लगभग 75 लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। लोगों को मोहाली स्थित शासा मेडिकटेक प्राइवेट लिमिटेड ने डेटा सेंटर में निवेश पर निश्चित रिटर्न देने के नाम पर 3 करोड़ रुपए की ठगी की है। कंपनी के निदेशकों के वादे पर विश्वास करके लोगों ने अपनी कमाई का निवेश किया। लोगों के पैसे डूब गए क्योंकि कंपनी ने निवेशकों के खातों में मासिक रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। कंपनी के पांच निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज पीड़ितों की शिकायत पर लुधियाना पुलिस ने कंपनी के पांच निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान रमेश पॉल निवासी न्यू करतार नगर खन्ना,अनिल पांडे,उनकी पत्नी शिवानी पांडे निवासी राजपुरा, सुनील कुमार बादल निवासी राजपुरा और सौरव यादव के रूप में हुई है। दो साल तक दिया रिटर्न, फिर बंद शिकायतकर्ता राजिंदर कुमार शर्मा और अन्य ने आरोप लगाया कि लगभग 75 निर्दोष निवेशकों ने कंपनी के डेटा सेंटर में लगभग 3 करोड़ रुपए का निवेश किया था। लगभग दो वर्षों तक प्रत्येक निवेशक को सुनिश्चित रिटर्न दिया गया था, लेकिन बाद में कंपनी ने अपने धोखाधड़ी के इरादे के कारण निवेशकों के बैंक खातों में रिटर्न जमा करना बंद कर दिया। डेटा सेंटर स्थापित करने की थी परियोजना शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी के निदेशकों ने राजपुरा-चंडीगढ़ रोड राजपुरा और गाजियाबाद (यूपी) साइट पर एक डेटा सेंटर स्थापित करने की परियोजना के साथ उनसे संपर्क किया था। नवंबर 2022 से उन्होंने देश भर के निवेशकों से भारी मात्रा में धन (लगभग 100-150 करोड़) एकत्र करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कहा कि हमें उनके आधिकारिक लेटरहेड पर लिखित समझौतों के माध्यम से आश्वासन दिया कि वे 10 वर्षों तक हर महीने की 5 तारीख से पहले निश्चित मासिक भुगतान के रूप में पैसा वापस करेंगे लेकिन बाद में उन्होंने रिटर्न पर डिफ़ॉल्ट करना शुरू कर दिया। 3 से 4 लोगों की सदमे के कारण हो चुकी मौत शिकायतकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया कि हमारे निवेशित धन की वापसी के बार-बार अनुरोधों पर निदेशकों ने आनाकानी की। इस धोखाधड़ी के आचरण के कारण कई निवेशक जिन्होंने अपनी कमाई और ऋण का निवेश किया था वे गहरी वित्तीय संकट में चले गए। दुख की बात है कि इस धोखाधड़ी के कारण तनाव, वित्तीय कमी और उत्पीड़न के कारण 3-4 लोगों की मौत भी हो चुकी है। शिकायतकर्ता ने मांग की कि पुलिस निवेशकों के पैसे की सुरक्षा के लिए चल और अचल संपत्तियों, बैंक खातों और संपत्तियों, पासपोर्ट को जब्त करे। साथ ही एक विस्तृत जांच करें और यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करें कि निवेशकों की कमाई वापस मिल जाए। पुलिस अधिकारियों मामले की जांच की जिसके बाद FIR दर्ज की है।


