छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग हादसों में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। कांकेर के ग्राम उड़कुड़ा में दो चचेरे भाई लोमेश और आयुष तालाब में खेलते-खेलते डूब गए। जबकि बिलासपुर में तीन साल की परी वैष्णव खेलते-खेलते खुली पानी की टंकी में गिर गई। दोनों घटनाओं में पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहले देखिए हादसे जुड़ी तस्वीरें कांकेर में पहला मामला पहला मामला चारामा थाना क्षेत्र के उड़कुड़ा गांव का है। 6 साल के लोमेश जुर्री और आयुष जुर्री दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों दूसरी कक्षा में पढ़ते थे। जानकारी के अनुसार, रविवार लगभग दोपहर 2 बजे तीन बच्चे खेलते-खेलते तालाब के पास पहुंचे। इनमें से एक तालाब के किनारे खड़ा रहा, जबकि लोमेश और आयुष पानी में उतरकर खेलने लगे। खेलते-खेलते वे गहरे पानी में चले गए। कुछ देर बाद जब वे बाहर नहीं आए, तो किनारे खड़े बच्चे ने जोर-जोर से रोना शुरू किया। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला और अस्पताल ले जाने की तैयारी की। इस बीच चारामा थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों बच्चों को तुरंत चारामा अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हैं। चारामा थाना प्रभारी तेज कुमार वर्मा ने बताया कि दो बच्चे खेलते-खेलते तालाब के किनारे पहुंच गए थे। तालाब गहरा होने की वजह से दोनों डूब गए और उनकी मौत हो गई। उनके साथ गया तीसरा बच्चा डरकर गांव वालों को यह बात बताने दौड़ा। ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। उन्होंने बताया कि कल पोस्टमार्टम कराकर पंचनामा तैयार किया जाएगा। बिलासपुर में दूसरा मामला पहला मामला कोटा थाना क्षेत्र के अमले गांव का है। कल्याण दास वैष्णव और सरस्वती वैष्णव अमले गांव में रहते हैं। उनकी तीन साल की बेटी पारूल वैष्णव इसी गांव में अपने मामा लक्ष्मी प्रसाद के घर थी। जानकारी के अनुसार, पारूल के माता-पिता और मामा का घर एक-दूसरे के आस-पास है। बच्ची अक्सर मामा के घर खेलने जाया करती थी। शनिवार शाम 4 बजे को वो मामा के घर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक पास बनी पानी की खुली टंकी में गिर गई और डूब गई। करीब एक से डेढ़ घंटे तक जब बच्ची का पता नहीं चला, तो उसकी खोजबीन की गई। इसी दौरान जब परिजनों को घटना की जानकारी मिलने वे मौके पर पहुंचे और बच्ची को टंकी से बाहर निकाला। उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोटा थाना के सब इंस्पेक्टर प्रकाशचंद्र दुबे ने बताया कि यह घटना 22 नवंबर की शाम 4 बजे हुई। बच्ची अपने मामा लक्ष्मी प्रसाद के घर में एक अन्य लड़के के साथ खेल रही थी, तभी वह खुली पानी की टंकी में गिर गई और डूब गई। ……………………………………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें रायपुर में पानी भरे गड्ढे में डूबे 2 भाई…मौत:बिल्डर ने खुदवाया, भरा नहीं, परिजन-ग्रामीणों ने चक्काजाम किया, 3KM तक जाम में फंसे रहे लोग रायपुर के सरकारी स्कूल के पास 2 बच्चे खेलते-खेलते सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गड्ढे की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और डूबने से उनकी मौत हो गई। मृतकों में सत्यम (8 साल) और आलोक (7 साल) शामिल थे। ये दोनों बच्चे अपनी मौसी के बेटे के जन्मदिन के मौके पर यहां आए थे। पढ़ें पूरी खबर…


