मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर आज राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के कवर्धा में कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सह-प्रभारी विजय जांगिड़, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अरुण वोरा, पदाधिकारी, बूथ अध्यक्षों और बीएलए-2 सदस्यों ने भाग लिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गठित प्रदेश स्तरीय निगरानी समिति के तहत दुर्ग के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा को राजनांदगांव प्रभारी नियुक्त किया गया है। बैठक का उद्देश्य SIR प्रक्रिया के जमीनी क्रियान्वयन, बीएलओ की उपलब्धता, दस्तावेजों की कमी और ग्रामीण–आदिवासी अंचलों की वास्तविक चुनौतियों की समीक्षा करना रहा। जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक में SIR की प्रगति, चुनौतियों और जमीनी स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यकर्ताओं को दिया स्पष्ट संदेश सह-प्रभारी विजय जांगिड़ ने कहा, “SIR में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है और हर कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करे कि किसी भी परिवार का एक भी सदस्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।” रविंद्र चौबे ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना पूर्व रविंद्र मंत्री चौबे ने कहा, “सरकार बिना तैयारी और बिना पर्याप्त समय दिए SIR प्रक्रिया थोप रही है। 2003 के रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में नए नाम जोड़ना लगभग असंभव हो गया है। यह जल्दबाज़ी मतदाताओं के अधिकार छीनने का प्रयास प्रतीत होती है।” अरुण वोरा ने SIR की कमियों पर गहरी चिंता जताई अरुण वोरा ने कहा, “चुनाव में अभी दो से तीन साल बचे हैं फिर भी आयोग बिहार की तरह जल्दबाजी में प्रक्रिया पूरी करवाना चाहता है। सिर्फ एक माह की समय-सीमा हड़बड़ी में गड़बड़ी को जन्म दे रही है। प्रदेश का हर नागरिक आज अपनी नागरिकता बचाने की कवायद में लगा हुआ है। 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंच ही नहीं पाए हैं। गणना प्रपत्रों के वितरण और उन्हें भरवाकर इकट्ठा करने के लिये अब मात्र 12 दिन का समय शेष है।चुनाव आयोग कहता है कि 97% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच गया है, धरातल पर गणना पत्रक 25% घरों तक नहीं पहुंचा है। SIR के दौरान सामने आ रही जमीनी चुनौतियों को देखते हुए, राजनांदगांव में हर कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी युवा, बुजुर्ग, किसान या महिला-अपना मताधिकार खोने से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि फॉर्म की कमी, ऑनलाइन पोर्टल की त्रुटियां, 2003 की रिकॉर्ड उपलब्धता का संकट और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँच की समस्या इस प्रक्रिया को और कठिन बना रही है। कांग्रेस के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कांग्रेस ने पूरे राज्य में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जहां बीएलए-02 यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि- जल्दबाजी का खतरा -लाखों असली मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं वोरा ने चेताया, “यदि इसी जल्दबाजी में SIR पूरा किया गया, तो हजारों-लाखों वास्तविक मतदाता फॉर्म न भर पाने के कारण सूची से बाहर हो जाएंगे। यह लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ सीधा अन्याय होगा।” आगामी दौरा बैठक में यह भी बताया गया कि कांग्रेस सह-प्रभारी विजय जांगिड़, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अरुण वोरा कल 24 नवंबर को डोंगरगढ़-खैरागढ़ सहित अन्य क्षेत्रों का व्यापक दौरा करेंगे। वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, SIR की प्रगति की समीक्षा करेंगे और नागरिकों को जागरूक करने के लिए संगठन को और मजबूत करेंगे।


