चांद दिखने के साथ दरगाह का उर्स शुरू:शादियाने बजाए गए, दरगाह दीवान की सदारत में हुई पहली महफिल

इस्लामी कैलेंडर के रजब महीने का चांद बुधवार को नजर आ गया। इसके साथ ही ख्वाजा साहब के 813वें उर्स की शुरुआत रात से हो गई। चांद दिखाई देने और उर्स का ऐलान होते ही दरगाह में शादियाने बजाए गए। बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप के गोले दागे गए। रात को दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान की सदारत में पहली महफिल हुई और मजार शरीफ को पहला गुस्ल दिया गया। हिजरी संवत के जमादिउस्सानी महीने की 29 तारीख को देखते हुए मगरिब की नमाज के बाद दरगाह में हिलाल कमेटी की बैठक हुई। शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में हुई बैठक में कमेटी के सदस्यों ने शिरकत की। कमेटी ने रजब का चांद दिखाई देने का ऐलान किया। ऐलान होते ही शाहजहांनी गेट स्थित नक्कार खाने से शादियाने और नगाड़े बजाए गए। तोप के गोले दाग उर्स की शुरुआत का ऐलान किया। दरगाह में मौजूद जायरीन ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। मध्य रात्रि को दिया पहला गुस्ल दरगाह के ऐतिहासिक महफिल खाना में रात को उर्स की महफिल की शुरुआत हुई। दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन की सदारत में हुई इस महफिल में देश की विभिन्न दरगाहों के सज्जादगान और प्रमुख लोगों ने भाग लिया। दरगाह की शाही कव्वाल चौकियों के कव्वालों के साथ ही नागौर, सांभर और जयपुर की दरगाहों के पगड़ीबंध कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। मध्य रात्रि के बाद दरगाह दीवान गरीब नवाज की मजार को गुस्ल देने के लिए आस्ताना शरीफ पहुंचे। केवड़े व गुलाब जल से गुस्ल दिया। उर्स के कुल की रस्म 7 को रजब की पहली तारीख 2 जनवरी को होगी। इस हिसाब से गरीब नवाज के 813वें उर्स का कुल 7 जनवरी को होगा। इसके साथ ही जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। बड़ा कुल 10 जनवरी को होगा। इसके साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा। इधर, पाकिस्तान के जायरीन का दल 6 जनवरी को अजमेर पहुंचेगा। (फोटो-वीडियो सहयोग-नजीर कादरी)

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