गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बनझोरका गांव में नेशनल हाईवे विस्तार के नाम पर एक संचालित प्राइमरी स्कूल भवन को ध्वस्त कर दिया गया है। बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के दायरे में आने के कारण यह कार्रवाई की गई। मामला गौरेला ब्लॉक का है। इस घटना से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, क्योंकि उन्हें बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था के मिडिल स्कूल के बरामदे में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस अव्यवस्था के बाद प्रायमरी और मिडिल क्लास के बच्चे एक साथ खुले बरामदे में पढ़ने को मजबूर है। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही। उन्नत मिडिल स्कूल बनझोरका में स्थानांतरित यह प्राइमरी स्कूल कुछ समय पहले तक बच्चों की पढ़ाई और खेलकूद का केंद्र था। स्कूल भवन बाउंड्री वॉल से घिरा था और ‘शाला जतन योजना’ के तहत इसका रंग-रोगन भी किया गया था। इसमें अच्छी गुणवत्ता के कई कमरे थे, लेकिन अब यहां केवल मलबा बचा है। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को अब उसी गांव के उन्नत मिडिल स्कूल बनझोरका में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, मिडिल स्कूल में पहले से ही कमरों की कमी है। यहां कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं के बच्चों को दो कमरों में समायोजित किया जाता है। खुले बरामदे में पढ़ रहे बच्चे प्राथमिक कक्षाओं (पहली से पांचवीं तक) के बच्चों को अब मिडिल स्कूल के खुले बरामदे में एक साथ बैठाया जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।


