पठानकोट जिले में भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्विनी शर्मा ने रावी दरिया के किनारे स्थित कथलोर और गज्जू जागीर गांवों का दौरा किया। उन्होंने इन क्षेत्रों में हो रही अवैध रेत माइनिंग का निरीक्षण किया और पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने तथा प्रशासन के निष्क्रिय होने का आरोप लगाया। शर्मा ने बताया कि पंजाब में आई बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि जिन इलाकों में दरिया के कारण खेतों में रेत जमा हो गई है, किसान उसे स्वयं हटवा सकते हैं। इसके लिए ‘जिसका खेत, उसकी रेत’ का नारा दिया गया था। हालांकि, इस घोषणा की आड़ में अवैध माइनिंग का सिलसिला शुरू हो गया है।
पठानकोट जिले में रावी दरिया की बाढ़ से कई दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं, जहां किसानों की उपजाऊ जमीनें रेत के नीचे दब गई हैं। माइनिंग माफिया इस स्थिति का फायदा उठा रहा है और जगह-जगह अवैध रेत खनन कर रहा है। अश्विनी शर्मा ने आरोप लगाया कि यह बाढ़ पंजाब सरकार के लिए भ्रष्टाचार का एक नया रास्ता बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पंजाब सरकार इस गंभीर मुद्दे पर ‘सोए हुए’ हैं, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कथलौर पुल के पास 50 मीटर की दूरी पर अवैध माइनिंग शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि पुल देश की संपत्ति होते हैं, उक्त पुल जेएंडके के साथ पंजाब को जोड़ता है, अवैध माइनिंग से बाढ़ में वह पुल बचेगा या नहीं, उस पर सवाल खड़ा होता है। लेकिन सरकार शांत बैठी है। उन्होंने कहा कि 20 फीट के नीचे से मृत व्यक्ति मिलता है, लेकिन उसका कोई पोस्टमॉर्टम नहीं और न ही कोई एफआईआर दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि पैसे और पुलिस के बल पर जबरदस्ती माइनिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर के साथ लगते सभी जिलों में चल रही अवैध माइनिंग जमीन और प्रकृति का नुकसान कर रहे हैं। इसका जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने कहा कि कथलोर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी और सरकारी जमीनों को उखाड़ लिया गया है।


