इजराइल में 9 टॉप अफसर सेना से बर्खास्त:दो साल पहले हमास का हमला रोकने में नाकाम रहे थे; 1200 इजराइलियों की जान गई थी

इजराइल में 9 टॉप सैन्य अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर ने कहा कि ये अधिकारी हमास के हमले को रोकने में नाकाम रहे थे। 7 अक्टूबर 2023 को हुए इस हमले में 1200 से ज्यादा इजराइली लोगों की मौत हुई थी। इजराइल में हमास हमले को लेकर हुई सुरक्षा चूक और उसकी निष्पक्ष जांच को लेकर रविवार को प्रदर्शन हुए। इसमें कम से कम 5 लाख लोग शामिल हुए। इसके बाद से सरकार पर इन अधिकारियों को बर्खास्त करने का दबाव बढ़ गया था। IDF चीफ जामिर ने रविवार को इन अफसरों को मीटिंग के लिए बुलाया और उनकी बर्खास्तगी का फैसला सुनाया। इस दौरान कई अफसरों को फटकार भी लगाई गई। जामिर ने कहा कि वे एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट के आधार पर कमांडरों के खिलाफ फैसले भी लेंगे। बर्खास्त किए गए अधिकारी ज्यादातर अफसर पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं हालांकि बर्खास्त किए गए ज्यादातर अधिकारियों ने पहले ही सेना छोड़ दी है। जिन अधिकारियों को फटकार लगी है, वे अपनी मौजूदा पोस्ट पर अपना कार्यकाल पूरा होने तक काम करते रहेंगे। अपने फैसले के बाद IDF चीफ ने बयान जारी कर कहा- ऐसे फैसले लेना आसान नहीं है, क्योंकि ये उन लोगों को प्रभावित करते हैं जिन्हें मैं बहुत मानता हूं और जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की सुरक्षा में लगा दी। उन्होंने आगे कहा कि मैं इनके साथ दशकों तक लड़ाइयां लड़ चुका हूं। इसके बावजूद मेरे सामने जिम्मेदारी तय करने का कर्तव्य है। ये फैसले हम खुद नहीं चुनते बल्कि बतौर कमांडर हमें उठानी पड़ती है। IDF चीफ बोले- जिम्मेदारी तय करना जरूरी IDF चीफ ने आगे कहा कि अगर हम जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे, तो सिस्टम पर लोगों का भरोसा कम होगा। यह भरोसा ही हमारी लड़ाई, हमारी जीत और देश की रक्षा की नींव है। जामिर ने यह भी कहा कि जिन अफसरों को बर्खास्त या फटकारा गया है, वे हमारे बेहतरीन कमांडरों में से हैं। इन सभी ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा IDF और इजराइल के लिए दिया है। इन्हीं में से बहुतों ने पिछले दो वर्षों में IDF की कई सैन्य सफलताओं में सीधे तौर पर अहम भूमिका निभाई है। नीचे दिए पोल में हिस्सा लेकर इस मुद्दे पर अपनी राय दें… इजराइली सेना के गलत आकलन से हुआ 2023 का हमला इजराइली सेना ने इस साल की शुरुआत में रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दावा किया गया है कि 7 अक्टूबर हमला उसके गलत आकलन की वजह से हुआ था। इजराइली सेना ने हमास की क्षमताओं को कम करके आंका था। यह उसकी नाकामी थी। सेना का आकलन था कि हमास सिर्फ गाजा पर रूल करना चाहता है, इजराइली सेना से लड़ना उसका प्रमुख मकसद नहीं था। सेना ने हमास की क्षमताओं का गलत आकलन किया। सेना के अधिकारियों का अनुमान था कि सबसे खराब हालात में भी हमास सिर्फ 8 इलाकों से जमीनी हमला कर सकता है। इसके उलट हमास के पास हमले के लिए 60 से ज्यादा रास्ते थे। 7 अक्टूबर 2023 से भी पहले हमास तीन मौकों पर हमला करने के लिए तैयार था, लेकिन अलग-अलग वजहों से इसमें देरी हो गई। हमले से कुछ घंटे पहले ही इस बात के संकेत मिल गए थे कि कुछ गड़बड़ है। हमास लड़ाकों ने अपने फोन इजराइली नेटवर्क पर स्विच कर लिए थे। हमास के हमले से जुड़े 3 फुटेज… 2017 से बन रहा था इजराइल पर हमले का प्लान 2017 से ही बन रहा था हमले का प्लान इजराइली सैन्य अधिकारी का कहना है कि खुफिया जानकारी से पता चला है कि 7 अक्टूबर के हमले के मास्टरमाइंड याह्या सिनवार (जो पिछले अक्टूबर में मारा गया) ने 2017 से ही हमले का प्लान बनाना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट में बताया गया है इजराइली सेना का अति आत्मविश्वास और पहले तय धारणाओं में बहुत ज्यादा भरोसा हमले के लिए जिम्मेदार है। रिपोर्ट में किसी भी सैनिक या अधिकारी को दोषी नहीं बताया गया है। कई इजराइली लोगों का मानना है कि 7 अक्टूबर की गलती के लिए नेतन्याहू जिम्मेदार हैं। लोगों का मानना है कि हमले से पहले भी नेतन्याहू की सरकार ने कई गलत फैसले लिए थे।​​​​​​ ——————– यह खबर भी पढ़ें… गाजा को दो हिस्सों में बांटेगा अमेरिका:ग्रीन जोन पर इजराइल का कंट्रोल, इसे दोबारा बसाया जाएगा, फिलिस्तीन को खंडहर रेड जोन मिलेगा अमेरिका गाजा पट्टी को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक लॉन्ग टर्म प्लान बनाया गया है। एक हिस्से पर इंटरनेशनल फोर्स (ISF) और इजराइली सेना का कंट्रोल रहेगा। इसे ग्रीन जोन कहा जाएगा। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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