शहर और जिले में हुई रजिस्ट्रियों और पंजीयन विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि शहर के पूर्वी और पश्चिम क्षेत्र में ही रियल एस्टेट का विस्तार हो रहा है। पंजीयन विभाग के चार शहरी जोन में पिछले 9 महीने में विभाग को रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी से आय जहां पश्चिम क्षेत्र में एयरपोर्ट रोड और सुपर कॉरिडोर वाले इंदौर 4 से हुई है, वहीं रजिस्ट्री की संख्या या दस्तावेजों के पंजीयन नौलखा से पालदा, बायपास, झलारिया और बिचौली क्षेत्र में ज्यादा हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महू, सांवेर, देपालपुर में से सांवेर में ही आंशिक वृद्धि हुई है। महू, देपालपुर के आंकड़े पिछले साल से कम रहे हैं। पूरे जिले में 2023-24 में 1426.99 करोड़ आय हुई थी, जो इस बार 1455.25 करोड़ रही है। इसी तरह दस्तावेजों पिछले साल इस अवधि तक 1.22 लाख रजिस्टर्ड हुए थे। इस बार 1.26 लाख रहे। नई कॉलोनियां कटने का असर दिखा पंजीयन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शहर के पुराने एरिया यानी राजबाड़ा, जवाहर मार्ग, मिल क्षेत्र (इंदौर-1) में 9 महीने में आय पिछली 9 माही से 7.05 प्रतिशत कम रही है। इंदौर-2 में यह 10.67 प्रतिशत बढ़ी, यानी बायपास, पालदा, बिचौली में रजिस्ट्री से आय ज्यादा हुई। इसी तरह इंदौर-3 यानी सुखलिया, विजय नगर और मांगलिया वाले क्षेत्र में यह मात्र 2 प्रतिशत ज्यादा रही तो इंदौर 4 जिसमें महू नाका से एयरपोर्ट, सुपर कॉरिडोर, सिरपुर और बिजासन वाला क्षेत्र शामिल है, यहां पिछले साल की तुलना में अप्रैल से दिसंबर 24 में 11.72 प्रतिशत बढ़ी है। इस क्षेत्र में कई कॉलोनियां कटने से यह असर देखने में आया है। इसी तरह महू में 0.51 प्रतिशत तो देपालपुर में यह 4.10 प्रतिशत पिछले साल से कम रही। सिर्फ सांवेर में 0.11 प्रतिशत ज्यादा रही।


