धातु निर्मित मांझे के उपयोग-बिक्री पर रोक:भंडारण-परिवहन करने पर भी होगी कार्रवाई; सुबह-शाम 2-2 घंटे पतंगबाजी बैन

जालोर में सुबह 6 से 8 और शाम 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी बैन रहेगी। इसके अलावा धातु निर्मित मांझे के उपयोग एवं बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया- मकर संक्रान्ति पर्व पर पतंगबाजी के लिए धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा उपयोग किया जाने लगा है। यह मांझा पतंग के पेंच लड़ाने में अधिक कारगर होता है, इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है। इसी प्रकार माननीय उच्च न्यायालय राजस्थान, खंडपीठ जयपुर एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा भी पतंग उड़ाने के लिए उक्त हानिकारक सामग्री से बने धागे के उपयोग को परमिट नहीं किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाये रखने एवं पशु-पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके ‘‘धातु निर्मित मांझा’’ (पतंग उड़ाने के लिए पक्का धागा, नायलोन/प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटीक/टोक्सीक मेटेरियल यथा आइरन पाउडर, गलास पाउडर का बना हो) की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग जालोर जिले के क्षेत्राधिकार में निषेध व पूर्ण प्रतिबंधित किया है। कोई भी व्यक्ति यदि उक्त प्रकार के मांझे का भंडारण, विक्रय व परिवहन करेगा तो उनके विरूद्ध यथा प्रचलित सम्यक कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह भी निषेध किया गया हैं कि पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए पतंगबाजी प्रातः 6 बजे से प्रातः 8 बजे तक तथा सायं 5 बजे से सायं 7 बजे तक की समयावधि में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहगी। यह आदेश 31 जनवरी, 2025 तक प्रभावी रहेगा।

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