बिलासपुर में 224 बोरी अवैध धान जब्त​​​​​:सोसाइटी में धान खपाने निकले 2 ट्रैक्टर को प्रशासन ने पकड़ा, बिचौलिए सक्रिय

बिलासपुर में जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी धान का अवैध संग्रहण और परिवहन धड़ल्ले से जारी है। बुधवार को राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 ट्रैक्टर में लोड 224 बोरी धान जब्त किया है। बिचौलिए धान को सोसाइटी में खपाने के लिए जा रहे थे। धान की कीमत 2 लाख 78 हजार रुपए बताई जा रही है। दरअसल, समर्थन मूल्य पर समितियों के माध्यम से धान खरीदी के साथ ही बिलासपुर में बिचौलियों की सक्रियता बढ़ गई है। जिले में अवैध धान भंडारण और खरीद-फरोख्त पर खाद्य विभाग की लगातार नकेल कसने का दावा किया जा रहा है। साथ ही छापेमारी भी की जा रही है। इसके बाद भी बिचौलियों पर लगाम नहीं लग रहा है। खाद्य विभाग ने अब कार्रवाई में 50 लाख रुपए से अधिक धान जब्त की है। दो ट्रैक्टर में भरकर खपाने लेकर जा रहे थे 224 बोरी धान राजस्व, खाद्य और मंडी के अफसरों की संयुक्त टीम को जानकारी मिली कि, मस्तूरी इलाके में बड़े पैमाने पर धान का अवैध भंडारण किया गया है। वहीं, ट्रैक्टर में धान भरकर सोसाइटी में खपाने की तैयारी चल रही है। खबर मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई। वेदपरसदा के पास जांच के दौरान वाहन चालक ने बताया कि धान बिल्हा से विक्रय के लिए ग्राम टिकारी तहसील मस्तूरी ले जाया जा रहा है। उसके पास धान का कोई रिकार्ड नहीं था। इस दौरान ड्राइवर कोई भी वैध दस्तावेज धान परिवहन के लिए अनुमति आदेश, मण्डी शुल्क, धान के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मौके पर उपस्थित वाहन चालकों ने पेश नहीं किया। लिहाजा, धान के उपार्जन केन्द्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए वाहन और उसमें भण्डारित 224 कट्टी (बोरी) धान को तहसीलदार ने जब्त कर प्रकरण बनाकर मण्डी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। किसानों का धान खरीदी कर अवैध भंडारण बिचौलिए और गांव के किराना व्यापारी किसानों से औने-पौने दाम में धान खरीदकर समितियों में खपाने का गोरखधंधा कर रहे हैं। हालांकि, खाद्य विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना वसूलने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद बिचौलियों को कार्रवाई का डर नहीं है। यही वजह है कि जिले में लगातार धान का अवैध भंडारण मिल रहा है। इधर, जिले में बिचौलियों की सक्रियता प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *