कोरबा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवा केंद्र में दो दिवसीय राजयोग साधना कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन में माउंट आबू से राजयोगी भगवान भाई, पर्यावरण अधिकारी परमेंद्र पांडे, डॉ. विवेक सिन्हा, बी.के. रुक्मणी और बी.के. बिंदु सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में खुशहाल जीवन हेतु सकारात्मक विचार और क्रोध मुक्त जीवन पर व्याख्यान दिए गए। राजयोगी भगवान भाई ने बताया कि क्रोध से संबंधों में कड़वाहट आती है, मनमुटाव बढ़ता है और घर का वातावरण खराब होता है। उन्होंने कहा कि जहां क्रोध होता है, वहां बरकत नहीं होती, इसलिए क्रोध मुक्त जीवन अपनाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराया गया। दो दिवसीय इस राजयोग साधना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने लाभ उठाया। राजयोगी भगवान भाई बोले- ऐसे कार्यक्रम लोगों की सोच में लाते हैं सकारात्मक बदलाव राजयोगी भगवान भाई ने बताया कि ऐसे आयोजनों से लोगों की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर जोर देते हुए ऐसे कार्यक्रमों को अत्यंत आवश्यक बताया। पर्यावरण अधिकारी परमेंद्र पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे काम में व्यस्त और परेशान रहते थे। इस कार्यक्रम में महज 10 मिनट बिताने से उन्हें काफी शांति की अनुभूति हुई और सकारात्मक परिवर्तन महसूस हुआ। डॉ. विवेक सिन्हा ने बताया कि वे कई सालों से जिले में हैं, लेकिन आज उन्हें इस संस्था में आकर भगवान की याद और चरणों में आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्था जिस तरह से काम कर रही है, उसे और आगे बढ़ाना चाहिए ताकि लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान मिल सके। डॉ. स्मिता सिन्हा ने बताया कि इस संस्था में आने के बाद मानसिक, शारीरिक और कई तरह की परेशानियां दूर होती हैं। उन्होंने लोगों को ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने की सलाह दी।


