नए वर्ष के आगमन के साथ जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में साल का सबसे बड़ा आयोजन हुआ। कृष्ण बलराम नव वर्ष में जनमानस पर आशीर्वाद बरसाने के लिए जयपुर के चार दिवारी क्षेत्र में रथ में सवार होकर पर नगर भ्रमण पर निकले। पूरी गुलाबी नगरी हरिनाम संकीर्तन पर झूमने लगी। जिससे संपूर्ण वातावरण में आध्यात्म की लहर दौड़ गई। भक्तों ने कृष्ण बलराम को पुष्प, फल, दीप और श्रीफल आदि अर्पित किए। नूतन वर्ष पर आज जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम की ओर से शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें पूरे शहर से हजारों लोगो ने भाग लेकर अपने नव वर्ष की शुरुआत भगवान कृष्ण बलराम के आशीर्वाद के साथ की। शोभा यात्रा का शुभारंभ आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर से विधिवत पूजा के साथ शुरू हुआ। शोभा यात्रा में आगे-आगे शाही लवाजमा बैंड बाजे शामिल रहे। वहीं भक्तों ने अपने हाथों से रथ को रस्से से खींच कर शोभा यात्रा में रथ को आगे बढ़ाया। श्री आनंद कृष्ण बिहारी जी के मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा त्रिपोलिया गेट, चौड़ा रास्ता, बापू बाज़ार, जौहरी बाज़ार, बड़ी चौपड़ से वापसी में त्रिपोलिया बाज़ार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया गेट से होते हुए श्री आनंद कृष्ण बिहारी जी मंदिर पर समाप्त होगी। गुप्त वृन्दावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने नव वर्ष की शुभकामनाओं के साथ शोभा यात्रा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा- हमारे शास्त्रों में बताया गया है की ‘रथे च वामनं दृष्ट्वा पुनर्जन्म न विध्यते’ जो व्यक्ति भगवान कृष्ण को उनके रथ पर देख लेता है वह इस भौतिक जगत में फिर जन्म नहीं लेता। उन्होंने जयपुर की जनता का शोभा यात्रा को सफल बनाने के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।


