राजस्थान की पैरालिंपिक शूटर मोना अग्रवाल (37) को अर्जुन अवॉर्ड दिया जाएगा। गुरुवार को खेल मंत्रालय ने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड पाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की। इसमें राजस्थान से मोना अग्रवाल का नाम शामिल हैं। मोना अग्रवाल ने इस बार के पैरालिंपिक खेलों ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मोना को बचपन में पोलियो हो गया। इससे चलने में परेशानी होने लगी। मोना ने 2 साल पहले ही शूटिंग सीखनी शुरू की थी।
मोना बोलीं-अभी एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हूं
अर्जुन अवॉर्ड के नाम की घोषणा होने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में मोना अग्रवाल ने बताया कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की उम्मीद नहीं थी। क्योंकि यहां तक पहुंचाने का सफर आसान नहीं था। सभी के सहयोग से आज इस मुकाम पर पहुंची हूं। ऐसे में आगे भी शूटिंग के माध्यम से मैं भारत का नाम दुनियाभर में रोशन करना चाहती हूं। उन्होंने बताया कि फिलहाल में एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हुई हूं। मोना अग्रवाल ने इसी साल 9 मार्च को अपने करियर के चौथे इंटरनेशनल टूर्नामेंट डब्ल्यूएसपीएस पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 कैटेगरी में गोल्ड जीतकर 2024 पेरिस पैरालिंपिक का कोटा हासिल कर लिया था। वहीं, इस कैटेगरी में अवनी लेखरा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इससे पहले मोना गोला फेंक और वेट लिफ्टिंग में स्टेट लेवल तक खेली थी। दिसंबर 2021 में शूटिंग करना शुरू किया था। मोना अपने जन्म के कुछ महीनों बाद ही पोलियो से पीड़ित हो गई थीं। सीकर से है मोना का परिवार
मोना अग्रवाल का जन्म सीकर जिले में हुआ था, अभी वह पति और परिवार के साथ जयपुर में रहती हैं। मोना एमबीए कर चुकी हैं। उनकी एक बेटी और एक बेटा है। पोलियो की बीमारी के कारण वह बचपन से ही चलने में असमर्थ हो गई थीं। पहले पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थीं
मोना ने पहले 2022 एशियाई पैरा खेलों और लीमा में 2023 डब्ल्यूएसपीएस चैंपियनशिप के जरिए पेरिस 2024 पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, वह पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई करने से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित हुए डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप 2024 में सफलता हासिल की। इसमें उन्होंने 250.7 का कुल स्कोर दर्ज करके स्वर्ण पदक जीता था।


