नोहर को जिला बनाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार हरीश सारण को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष बेनीवाल ने बताया कि कई वर्षों से नोहर को जिला बनाने की मांग की जा रही है। जिले की भादरा तहसील के अन्तिम छोर पर बसे गांव जो जिला चूरू और हरियाणा राज्य की सीमा से सटे हुए हैं, उन गांवों के लोगों के लिए जिला मुख्यालय पर पहुंचकर अपने जरूरी काम निपटाकर वापस उसी दिन अपने घर जाना किसी सपने से कम नहीं है। जिलाध्यक्ष बेनीवाल ने बताया कि जिला मुख्यालय से इन गांवों की दूरी 160-180 किलोमीटर पड़ती है। इन गांवों के पास रेलवे लाइन की भी सुविधा नहीं है। साथ ही यातायात के अन्य साधनों की भी इन क्षेत्रों में कमी है। इससे लोगों को जिला मुख्यालय पर आने जाने में परेशानी होती है। इसी तरह की समस्या से नोहर तहसील के सुदूर गांव जो हरियाणा की सीमा और चूरू जिले की सीमा से सटे हुए हैं, वहां के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पल्लू उपतहसील क्षेत्र के गांव जो बीकानेर जिले की सीमा, चूरू जिले की सीमा और सूरतगढ़ तहसील के टिब्बी क्षेत्र से सटे हुए हैं। जहां पर यातायात के साधन बहुत कम हैं। साथ ही इन क्षेत्रों में दूर-दूर तक रेलवे लाइन नहीं होने से यातायात का कोई सुलभ साधन नहीं है। ग्रामीणों को इससे अत्यधिक आर्थिक नुकसान हो रहा है। इन क्षेत्रों के ग्रामीणों के इस गंभीर समस्या को देखते हुए नोहर-भादरा और रावतसर तहसील के गांव के लिए नजदीक जिला मुख्यालय बनाया जाना अति आवश्यक है। इसके लिए नोहर उपखण्ड मुख्यालय सर्वोत्तम रहेगा। नोहर इन क्षेत्रों का केन्द्र बिन्दु होने के साथ कम दूरी पर स्थित है। जिलाध्यक्ष बेनीवाल ने बताया कि नोहर विधानसभा मुख्यालय भी है। साथ ही नोहर में सबसे पुरानी नगर पालिका, तहसील और उपखण्ड मुख्यालय है। यहां पर अनेक राजकीय कार्यालय, धानमंडी और निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी कॉलेज, निजी अस्पताल सहित राजकीय स्टेडियम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बेनीवाल ने कहा कि एक ओर सरकार जबरदस्ती जिले बना रही है। वहीं दूसरी ओर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की जायज मांग के बाद नोहर को जिला नहीं बनाया जाना इस क्षेत्र के लोगों के साथ नाइंसाफी हो रही है। आम आदमी पार्टी नोहर को जिला बनाने की मुहिम को लगातार जारी रखेगी। इस मौके पर लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष राजवीर माली, दयानंद, डबलू मिश्रा, विजय वर्मा, अजीत झा, गुलशन सोनी, रवि कुमार, बलवंत सिंह, शीशपाल मौजूद रहे।


