सर्दी में कम हो जाती है इम्यूनिटी पावर:बच्चे और बुजुर्गों का ज्यादा होती है परेशानी, खानपान तथा रहन-सहन रखें ध्यान

तापमान गिरने के साथ मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखना आवश्यक है। क्योंकि सर्दी में शरीर की रोग निरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में कई सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। जिसका ख्याल रखना आवश्यक होता है। यह कहना है सिरोही जिला अस्पताल के सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार का। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है। दिन में पारा सामान्य तो रात और सुबह के समय सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। जरा सी भी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है। बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखें
सीएमएचओ ने बताया कि मौसम के मिजाज में तेजी से परिवर्तन तथा तापमान में हुई कमी के कारण मौसम में आ रहा यह बदलाव से सर्दी जुकाम के साथ अन्य बीमारियों का भी कारण बन सकता है। इसलिए बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखें। मौसम में तेज उतार चढ़ाव के अनुसार शरीर अपने आप को ढाल नहीं पाता और बीमारी का शिकार हो जाता है। सर्दी से गर्मी और गर्मी से सर्दी में बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इसलिए जरूरी है कि इस मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है असर
सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) कम हो जाती है। ऐसे में सर्दी जुकाम और बुखार की परेशानी आम बात है। खानपान तथा रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत होती है। सर्दी होने पर गर्म पेय पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए। गर्मी होने पर खूब पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ऐसे मौसम में वायरल बुखार के मामले सबसे अधिक बढ़ते हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कभी सर्द तो कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां लोगों को परेशान कर रही हैं। सबसे पहले बच्चे इनकी चपेट में आते हैं। बदलते मौसम में बरतें ये सावधानियां
सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में साफ कपड़े ही पहनना चाहिए। खान पान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही लें। सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है। बदलते मौसम में नियमित योग करना चाहिए। मौसम बदलते समय खांसी एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे पीड़ित मरीज को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए।

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