मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन की आलोट शाखा के प्रबंधक आरडी शर्मा की खुदकुशी करने के मामले के आरोपी भाजपा नेता मनोज काला और जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश परमार को पुलिस 17 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घटना के बाद से दोनों नेता गायब हैं। पुलिस ने उनकी कई जगह तलाश की, लेकिन वे नहीं मिले। इस पर एसपी अमित कुमार ने गुरुवार को दोनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। प्रबंधक रामदास शर्मा (आरडी शर्मा) ने 14 दिसंबर 2024 को सुबह आलोट स्थित किराए के मकान में जहर खा लिया था। साथ ही कर्मचारियों को फोन कर बुलाया था। कर्मचारियों ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उज्जैन के एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां रात करीब आठ बजे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने उनका घर उसी दिन सील कर दिया था। स्वजन की उपस्थिति में पुलिस ने 15 दिसंबर को घर की जांच की थी, तब वहां से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें रामदास शर्मा (आरडी शर्मा) लिखा होकर उनके हस्ताक्षर थे। सुसाइड नोट में शर्मा ने श्रीनाथ वेयर हाउस ताल के संचालक और भाजपा नेता मनोज, कृष्णा एग्रो सर्विसेज ताल के संचालक राजेश परमार को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। साथ ही लिखा था कि वे एक वर्ष से मानसिक रूप परेशान हैं। काला औरर परमार ने गोदामों में रखा स्टाक गायब कर दिया है। पुलिस ने काला और परमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अधिकारियों ने की जांच, अनाज कम मिला घटना के बाद कार्पोरेशन के दल ने मनोज काला और राजेश परमार के वेयर हाउस (गोदामों) की जांच कर वहां रखे अनाज के स्टाक का सत्यापन किया था। जांच में मनोज काला के छह गोदाम से अनाज के 2047 बैग कम पाए गए। 2557 बैग ऐसे मिले, जिनमें 15 से 20 किलो वजन कम था। वहीं 140 बोरी मिट्टी वाली पाई गई। उधर, राजेश परमार के गोदम में गेहूं के 209 बैग कम मिले।


