मप्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित है सीतामढ़ी का पावन चरण तीर्थ राम वनगमन पथ पर है ग्राम रेउसा

मप्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित है सीतामढ़ी का पावन चरण तीर्थ
राम वनगमन पथ पर है ग्राम रेउसा
अनूपपुर।
मध्य प्रदेश का अनूपपुर जिला तीर्थराज अमरकंटक के नाम से सुप्रसिद्ध है अनूपपुर जिले में रामायण काल और महाभारत काल के विभिन्न अंश देखने और कथा और किदवंती में सुनने को मिलते हैं। अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र में सीतामढ़ी के निकटतम स्थान ग्राम रेउसा के पावन पथरा चरण तीर्थ में रामायण काल के दौरान श्री राम भगवान के चरणों के निशान बड़ी तादात में मिले हैं, लोगों का मानना है कि रामायण काल के दौरान कोतमा विधानसभा क्षेत्र के सीतामढ़ी और पवन पथरा चरण तीर्थ में अपना वनवास के कुछ समय यहां गुजरे थे। इसके साथ ही किस्से कहानियों में महाभारत काल के दौरान राजा विराट की नगरी में अज्ञातवास के निवास करने के दौरान भीम, नकुल और सहदेव के अल्पकालीन निवास के कुछ किस कहानियां चरण तीर्थ से जुड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर स्थित सीतामढ़ी ग्राम जहां श्री राम के आगमन के कुछ सबूत मिले थे वहीं से चंद किलोमीटर की दूरी में रेउसा ग्राम के पावन पथरा चरण तीर्थ में रामशिला, लक्ष्मणशिला, पांडवशिला आदि के साथ दर्जनों चरण के निशान ( पद चिन्ह) पंच कुंड, एक गुफा और एक बावड़ी प्राचीन काल के मिले हैं जो की रामायण और महाभारत काल से जुड़े हुए हैं, रेउसा ग्राम के ग्रामीणों द्वारा चरण तीर्थ स्थल पर पूजा पाठ और यज्ञ आरंभ किया जा रहा है, मध्य प्रदेश अनूपपुर जिले का यह स्थान अब लोगों के दिल दिमाग में धार्मिक भावना जागृत कर रहा है और लोग इस चरण तीर्थ के नाम से पुकार रहे हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दर्जनों ऐसी जगह हैं जहां प्रभु राम के आगमन के कुछ ना कुछ निशान मिले हैं जिसके बाद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सीतामढ़ी से यात्रा भी प्रारंभ की गई थी। वैसे ही मध्य प्रदेश अनूपपुर जिले के रेउसा ग्राम स्थित चरण तीर्थ में प्रशासन के द्वारा संरक्षण और अनुदान की मांग की है।

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