कोटा में 180 की रफ्तार में दौड़ी वंदे भारत स्लीपर:स्पीड टेस्टिंग हुई, कपलर सिस्टम भी जांचा, लखनऊ से आई टीम ने किया ट्रायल

राजस्थान से होकर चलने वाली पहली स्लीपर वंदे भारत का ट्रायल कोटा में किया गया। इस दौरान ट्रेन के सेफ्टी फीचर्स और लोडेड अवस्था को जांचा गया। रेलवे के लखनऊ स्थित अनुसंधान संस्थान और मानक संगठन (RDSO) की टीम ने वंदे भारत को 30 किमी के ट्रैक पर वास्तविक लोड के साथ 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर दौड़ाया। इसमें पैसेंजर्स और उनके लगेज के बराबर ही वेट रखकर ट्रेन की रियल टाइम टेस्टिंग की गई। यह ट्रायल 31 दिसंबर से जनवरी के पूरे महीने किया जाएगा। इसमें अलग-अलग ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटा से लेकर 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से टेस्टिंग की जाएगी। ट्रेन में खास कपलर मैकेनिज्म का यूज हुआ है। जिससे ट्रेन का वेट कम होता है और स्ट्रेंथ बढ़ती है। वंदे भारत स्लीपर का लोडेड अवस्था में हुआ परीक्षण वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया- वंदे भारत स्लीपर रैक के ट्रायल के तीसरे दिन आज गुरुवार को लोडेड अवस्था में कोटा-सवाई माधोपुर खंड पर कोटा से लाबान 30 किलोमीटर की दूरी को 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से परीक्षण किया गया। इस दौरान कपलर फोर्स, एयर सस्पेंशन, ब्रेकिंग सिस्टम और घुमाव ट्रैक पर स्पीड टेस्ट किया गया। जैन ने कहा- इस वंदे भारत स्लीपर रैक का ट्रायल पूरे जनवरी माह तक RDSO टीम के निर्देशन में किया जाएगा। इस ट्रायल में मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आर एन मीना ने आरडीएसओ लखनऊ टीम के साथ कोऑर्डिनेट किया है। जनवरी के पूरे महीने चलेगा ट्रायल जैन ने बताया कि इससे ट्रायल 31 दिसंबर से शुरू हुआ था। इसमें रोहल खुर्द-चौमहला के बीच यात्री के बराबर वजन रखकर लोडेड स्थिति में अधिकतम 130, 140 और 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से कोटा-नागदा खंड पर अप लाइन पर किया गया। 1 जनवरी को इस रैक का ट्रायल लोडेड सीरीज के लिए कोटा-नागदा खण्ड पर रोहल खुर्द-चौमहला के बीच 160 किमी प्रति घंटा, रोहल खुर्द-विक्रमगढ़ आलोट के बीच 170 किमी प्रति घंटा एवं रोहल खुर्द से कोटा तक 40 किलोमीटर की दूरी को 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से परीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के बाद इस ट्रेन को राजस्थान में चलाया जाएगा। माना जा रहा है कि पहली वंदे स्लीपर ट्रेन दिल्ली-मुंबई के बीच चल सकती है। रेल मंत्री ने 1 सितंबर को दिखाई थी पहली झलक केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार (1 सितंबर) को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के पहले मॉडल की झलक दिखाई थी। वे बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की फैक्ट्री में ट्रेन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान रेल मंत्री ने कहा था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 800 से 1200KM दूरी की यात्रा के लिए तैयार किया गया है। इसमें यात्री रात करीब 10 बजे चढ़ेंगे और सुबह डेस्टिनेशन पर पहुंच जाएंगे। यह ट्रेन मिडिल क्लास के लिए बनाई गई है। इसका किराया राजधानी के जितना ही होगा। ट्रेन में लगा है कपलर मैकेनिज्म रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, ट्रेन में कपलर मैकेनिज्म की नई टेक्नोलॉजी लगाई गई है। इससे ट्रेन का वेट कम होता है और स्ट्रेंथ बढ़ती है। कपलर दो कोच को जोड़ने वाला हिस्सा होता है। यह ऑस्टेनिटिक स्टील से बना होता है। रेल मंत्री के मुताबिक, ट्रेन को बनाते समय वेट बैलेंस और स्टेबिलिटी का ध्यान रखा गया है। व्हील और ट्रैक के बीच का मैकेनिकल हिस्सा खास तरीके से डिजाइन किया गया है। इससे ट्रेन के अंदर वाइब्रेशन और आवाज कम आएगी। अश्विनी वैष्णव ने दावा किया था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की गिनती दुनिया की बेहतरीन ट्रेनों में होगी। ट्रेन के कोच और टॉयलेट को अपग्रेड किया गया है। ट्रेन में कई सेफ्टी फीचर्स हैं। मेंटेनेंस स्टाफ के लिए एक अलग केबिन बनाया गया है। लंबी दूरी की यात्रा का समय कम होगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की लॉन्चिंग के साथ भारतीय रेलवे का लक्ष्य लंबी दूरी की यात्रा का समय कम करना है। खासकर दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता जैसे लंबे रूट पर यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। हालांकि ट्रेन किस रूट पर चलेगी, अभी यह स्पष्ट नहीं है। कोटा में अब तक ये हो चुके ट्रायल पढ़ें वंदे भारत स्लीपर से जुड़ी खबर… राजस्थान से चलेगी देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत:दिल्ली-मुंबई के बीच होगा पहला रूट, किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही राजस्थान को इस साल वंदे भारत के नए अवतार की सबसे बड़ी सौगात मिलने वाली है। देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत मारवाड़ से होगी। वंदे भारत ट्रेन के नए एसी स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनाया जा रहा है। इसके लिए करीब 166 करोड़ रुपए खर्च होंगे। देशभर में जितनी भी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलेंगी उनका मेंटेनेंस यहीं होगा। (पढ़ें पूरी खबर)

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