जयपुर टैंकर ब्लास्ट, घायल ने आईने पर कागज चिपकाया:नहीं देखना चाहते खुद का चेहरा; बिटिया साथ खेलती थी, अब डरकर पास नहीं आती

अजमेर हाईवे अग्निकांड में जले राजू लाल अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। लेकिन उन्हें ठीक होने में लंबा समय लगेगा। उनका चेहरा और हाथ काफी जल गए थे। घर लौटने के बाद जब राजू ने पहली बार शीशा देखा तो कहा, इसे अखबार से ढक दो। उनके चचेरे भाई डॉ. अजीत चौधरी बताते हैं, मेरा बेटी 9 महीने की है, जब मैं उसे लेकर उनके कमरे में गया तो वह रोने लगी। पहले बिटिया रोज उनकी गोद में खेलती थी लेकिन अब वह पहचान नहीं रही है। भाई पूरा दिन अकेले ही रहते हैं। संक्रमण की वजह से हर कोई कमरे में नहीं जा सकता। अजमेर हाईवे अग्निकांड को 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन पीड़ितों के लिए यह जीवनभर का दर्द बन चुका है। उस दौरान झुलसे अंगों के बीच कई पीड़ितों के चेहरे पर आग का कालापन ठहर गया है। अस्पताल में एडमिट 39 मरीजों का चेहरा 10 से 60% झुलसा था। ऐसा नहीं है कि बाकी अंगों की तकलीफ कमतर है, लेकिन चेहरे पर बने आग के निशान पहचान बदल देते हैं। 35 वर्षीय सोमराज मीणा उदास आवाज में बताते हैं, जलने के बाद सब खराब हो गया। उनके रिश्तेदार नरेश मीणा भी जले हैं। अच्छी खासी कद काठी के इन युवाओं की सूरत को आग ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. आयुष जैन बताते हैं कि अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस्ड है लेकिन इलाज की एक सीमा है। फिर आपको उसी पहचान के साथ जीना होता है। तब घर से बाहर निकलना भी एक ट्रॉमा होता है। छोटी बहन डरती है, उसे मम्मी-पापा से नहीं मिलवाया भांकरोटा निवासी रमेश शर्मा ड्राइवर हैं। रमेश और उनकी पत्नी नीरा दोनों हादसे में गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। बेटा देव उनकी देखभाल कर रहा है। देव बताते हैं, मेरी छोटी बहन 12 साल की है। वह इनका चेहरा देखेगी तो रोने लगेगी। इसलिए मैं उसे अब तक एक बार भी मिलवाने नहीं लाया। पापा का पूरा चेहरा, पैर सबकुछ जला था। हमारी तकलीफें बहुत बढ़ गई हैं। कमाई रुकी, महंगे इलाज का खर्च जेब पर बहुत भारी सरकार जल्द आर्थिक मदद दे, राशि भी बढ़ाए कॉस्मेटिक सर्जरी से जुड़ा इलाज काफी महंगा होता है। ये इंश्योरेंस में भी कवर नहीं होता। डीप बर्न के घाव अपने आप नहीं भरते। केस की गंभीरता के आधार पर कई बार सर्जरी करनी पड़ सकती है। सरकारी व्यवस्था में मरीज फॉलोअप के लिए नहीं आते। इससे उनकी परेशानियां और बढ़ती हैं। फिलहाल घर रहने से न केवल उनका रोजगार छिनेगा बल्कि महंगे इलाज का भार भी आएगा। सरकार से अपील है कि वे इन मरीजों के आगे के इलाज का पूरा खर्च उठाए। आर्थिक मदद भी जल्द उपलब्ध करवाए। ……… जयपुर टैंकर ब्लास्ट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. VIDEO में देखें जयपुर टैंकर ब्लास्ट हादसा:अजमेर हाईवे पर 1 किलोमीटर तक आग; कपड़े उतारकर लोगों ने बचाई जान जयपुर में शुक्रवार सुबह अब तक का सबसे भीषण सड़क हादसा हुआ। एलपीजी से भरे टैंकर से उठी आग एक किलोमीटर तक दिखाई दी। हादसे का एरियल व्यू देखने से ऐसा लग रहा था कि युद्ध के मैदान से आग के गोले निकल रहे हों। पूरी खबर पढ़िए… 2. जयपुर में LPG टैंकर ब्लास्ट का एनिमेशन VIDEO:आग से झुलसे लोग सड़क पर भागते दिखे, सड़कों और घरों में फैलती गई लपटें जयपुर में शुक्रवार सुबह एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट के बाद अजमेर हाईवे पर दहशत मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आए। हादसे में 12 लोग जिंदा जल गए। 32 लोग झुलस गए। इस दौरान भयावह मंजर दिखा। पूरी खबर पढ़िए…

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