अमृतसर में सोमवार रात को सुरक्षा एजेंसियों की हलचल बढ़ गई, जब NSG की टीम ने श्री दुर्गियाणा मंदिर परिसर में एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। देर रात करीब शुरू हुई इस ड्रिल का उद्देश्य किसी संभावित आतंकी हमले या आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना था। मंदिर परिसर के आसपास पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई थी, जबकि स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। ड्रिल के दौरान मीडिया को पूरी तरह बाहर रखा गया। किसी भी मीडिया कर्मी को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए। गोपनीय मॉक ड्रिल आमतौर पर ऐसी मॉक ड्रिल्स की कवरेज मीडिया को दी जाती है ताकि जनता तक सही और पारदर्शी जानकारी पहुंचे, लेकिन इस बार केंद्र की एजेंसी ने इसे पूरी तरह गोपनीय रखा। केंद्र की इस अचानक की गई ड्रिल ने शहर में चर्चा का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों की आशंका स्थानीय लोगों का कहना है कि रात को इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा अभ्यास होना इस बात का संकेत है कि एजेंसियां किसी संभावित खतरे को लेकर और अधिक सतर्क हैं। वहीं कुछ लोगों ने पूछा कि क्या अमृतसर को लेकर कोई विशेष इनपुट मिला है, जिसके चलते देर रात यह कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि प्रशासन का दावा है कि यह एक रूटीन सुरक्षा अभ्यास था, जिसका उद्देश्य केवल तैयारियों की जांच करना है। इसके बावजूद मीडिया को दूर रखने का फैसला और देर रात को हुआ यह ऑपरेशन कई सवाल छोड़ गया है और इसे शहर में चर्चा का प्रमुख मुद्दा बना दिया है।


