छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में नाबालिग को शादी का झांसा देकर एक युवक जम्मू ले गया। जहां उसने किराए का मकान लेकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो न्यायालय ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजना पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके 4 पुत्र व 1 पुत्री है। जिसकी उम्र 15 साल है और वह संजय मार्केट में काम करती है। वह 22 अगस्त को सुबह तकरीबन साढ़े 9 बजे काम जाने से पहले मोहल्ले के दुकान में चिप्स लेने जाने के नाम से घर से निकली थी, जो वापस नहीं आयी। ऐसे में उसके परिजनों ने उसे आसपास व अपने रिस्तेदारों के पास खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिली। उन्होंने किसी व्यक्ति के द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की संभावना जतायी। जिस पर कोतवाली पुलिस ने अपराध कायम कर जांच शुरू की। जहां विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता शिवरीनारायण ग्राम गोदना जिला जांजगीर-चांपा जिला में है। जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के परिजनों से संपर्क करके ग्राम गोदना पहुंचकर पीड़िता को संदेही हेमचरण जांगडे़ के कब्जे से बरामद कर थाना लाया गया। इस दौरान पूछताछ करने पर पीड़िता ने बताया कि चार माह पहले हेमचरण जांगड़े उसके मोहल्ले में रहता था। इस दौरान उससे परिचय होने पर मोबाईल नंबर मांगने पर वह अपना इंस्टाग्राम का आईडी बताई थी जिससे दोनों चैटिंग करते थे।
आरोपी के संग घूमने चंद्रपुर गई
पीड़िता ने बताया कि 21 अगस्त को वह दुकान से छुट्टी लेकर हेमचरण जांगड़े के कहने पर घूमने के लिए चंद्रपुर गई थी और शाम को अपने नानी के घर रूकी। रात में उसके मामा उसे उसके घर छोड़ दिये थे। अगले दिन 22 अगस्त 2024 को घुमने की बात पता चलने पर पीड़िता के पिता द्वारा गुस्सा करने पर पीड़िता हेमचरण जांगड़े के घर चले गई।
जम्मू ले जाकर नाबालिग से दुष्कर्म किया
जहां शादी करेंगे कहकर हेमचरण उसे अपने साथ जम्मू ले गया और किराए के मकान में शादी करने की बात कहते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया। बाद में दोनों शिवरीनारायण के ग्राम गोदना अपनी बड़ी मम्मी के घर आ गए। पीड़िता के बयान के बाद सिटी कोतवाली पुलिस आरोपी के खिलाफ धारा 64(2) (ड) 87 BNS धारा -6 पाॅक्सो एक्ट जोड़ते हुए आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी का दोष सिद्ध पाया गया
इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पाॅस्को के विद्वान न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए आरोपी हेमचरण जांगडे को दोष सिद्ध पाया। मामले में न्यायधीश ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास व 7 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।


