बूंदी सीएमएचओ की कार्य प्रणाली एक बार फिर संदेह के घेरे मे है। इसको लेकर बिंदुवार सीएमओ कार्यालय को की गई शिकायत के बाद जांच टीम ने दवाई खरीद, टेंडर प्रक्रिया और डेपुटेशन संबंधी दस्तावेज खंगालने के बाद कई कामों की पत्रावलियां अपने कब्जे में लेकर सीएमएचओ को भी तलब किया है। पूरे मामले की जांच कोटा जोन कार्यालय के डिप्टी डायरेक्टर के नेतृत्व में की जा रही है। कांग्रेस सरकार के समय से सीएमएचओ कार्यालय दवाई खरीद से लेकर डेपुटेशन करने के मामले में काफी चर्चित रहा है। जिले के सीएमएचओ की कार्य प्रणाली की शिकायत के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कार्यालय में कई कार्यों और निर्णयों को लेकर शिकायत की गई थी। जिसमें सरकारी धन के दुरूपयोग सहित नियम विरुद्ध डेपुटेशन करने और दवाई खरीद में अनियमितता की जांच की मांग की थी। इसी के चलते सीएमओ द्वारा पूरे प्रकरण की जांच कोटा जोन के डायरेक्टर को करने के निर्देश दिए थे। इसी सिलसिले में डिप्टी डायरेक्टर विजय मित्तल के नेतृत्व में जांच टीम ने सीएमएचओ कार्यालय के दस्तावेज खंगाले और कुछ कर्मचारियों के बयान भी लिए हैं। आदेश के खिलाफ कर्मचारियों के डेपुटेशन
शिकायत में करीब दो दर्जन डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों को नामजद कर बताया गया कि विभाग की ओर से डेपुटेशन पर रोक लगाने के बाद कर्मचारियों को उनकी इच्छा के अनुसार डेपुटेशन किया है। इस संबंध में पूर्व में मुख्य सचिव के निर्देश पर पूर्व डेपुटेशन समाप्त कर दिया था। इसके बाद मनमर्जी से सीएमएचओ ने डेपुटेशन कर दिए। हाल ही में दवाओं के टेंडर में अनियमितता की बात सामने आई है। जिसमें कई अस्पतालों में जबरन खरीदी गई दवाओं को आनलाइन एंट्री करने का दबाव बनाया जा रहा है। यही नहीं इंद्रगढ़, करवर, देईखेड़ा, केशोरायपाटन, हिंडोली में बिना सोनोलॉजिस्ट के सोनोग्राफी मशीन खरीद कर बाद में उन्हें बंद कर सरकार को लाखों का नुकसान करवाया। मैन पॉवर उपलब्ध करवाने को लेकर नियम के खिलाफ प्रक्रिया अपनाई गई। कई सीएचसी में एक्सरे की फिल्म सहित कई दैनिक उपयोग के लैब के कंज्यूमेबल आइटम बाजार दर से अधिक दर पर लेकर आरएमआरएस के पैसे का दुरुपयोग किया गया है। बूंदी के सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर ने बताया कि जांच प्रशासनिक प्रक्रिया है। जो भी होगा सामने आ जाएगा। कोटा जोन के चिकित्सा विभाग उप निदेशक डॉ. विजय मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली एक शिकायत की जांच करने बूंदी सीएमएचओ कार्यालय गए थे। सभी दस्तावेज खंगाले गए हैं। सीएमएचओ को कोटा जोन कार्यालय में दस्तावेज के साथ तलब भी किया है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी करके कोटा जॉन डायरेक्टर डॉ. महेन्द्रपाल सिंह को सौंपेंगे। जहां से जांच सीएमओ कार्यालय को भेजी जाएगी।


