मेरठ में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने 34 लाख के छात्रवृति घोटाले में मदरसा जामा समरलिल बनात की प्रबंधक समर जहां को गिरफ्तार किया है। समर जहां पर 1 लाख 80 हजार रुपये के मामले में 2019 में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
ईओडब्ल्यू की मेरठ यूनिट के अधिकारियों ने बताया कि समर जहां पत्नी मोबीन निवासी रशीदनगर मदरसा जामा समरलिल बनात उमर गार्डन थाना-लिसाडी गेट की प्रबंधक है। समर जहां पर वर्ष 2010-11 में अल्पसंख्यक प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति को अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से मिलीभगत करके एक लाख अस्सी हजार की धोखाधड़ी का आरोप था। यह रकम छात्रों को देने की बजाय खुद हड़प ली गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ईओडब्ल्यू मामले की जांच कर रही थी। ईओडब्ल्यू ने विवेचना में समर जहां को दोषी माना। जिसके बाद उनको गिरफ्तार कोर्ट में पेश कर दिया गया। लगातार गिरफ्तारी कर रही है ईओडब्ल्यू इससे पहले ईओडब्ल्यू मदरसा जियाउल कुरान के प्रधानाचार्य शफीक उल हसन, खुशबू पब्लिक स्कूल जाकिर कालोनी के प्रबंधक सलीम उर्फ सलीमुद्दीन निवासी झूले वाली गली जाकिर कालोनी लोहियानगर, मदरसा न्यू डीएम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल की कोषाध्यक्ष अजरा और 4 मदरसों सिवाल हाईस्कूल, न्यू सिवाल इंटर कॉलेज, सिवाल मकतब, सिवाल फकोनिया के प्रबंधक मुश्ताक अहमद को गिरफ्तार कर चुकी है। ईओडब्लू की टीम ने छात्रवृत्ति घोटाले में 250 लोगों को आरोपी बनाया था। घोटाले में तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम के तत्कालीन पटल सहायक संजय त्यागी भी जेल जा चुके हैं। इस मामले में बागपत अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पद पर रहते हुए सुमन गौतम काे सस्पेंड कर दिया था। सुमन गौतम सहारनपुर में तैनात हैं। उनकी गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे है।


