देसी शराब की बिक्री घटने से मंत्री चिंतित:उत्पादकों को दी चेतावनी, आपूर्ति नहीं सुधरी तो दूसरे राज्यों से मंगाएंगे शराब

उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को विभाग के सीनियर अफसरों के साथ बैठक कर देसी शराब के मामले की समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य में देसी शराब की काफी कम हो रही बिक्री पर चिंता जताई। समीक्षा में यह बात सामने आई कि देसी शराब की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को जरूरत के हिसाब से शराब नहीं मिल पा रही है। मंत्री ने कहा कि देसी शराब की कम बिक्री से यह बात समझ में आ रही है कि इसकी कमी को पूरा करने के लिए महुवा से बनी अवैध शराब की बिक्री हो रही है। इससे एक ओर जहां जानमाल का खतरा हो सकता है, वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व की भी कमी हो रही है। जबकि, राज्य में देसी शराब के उत्पादन की आठ इकाइयां हैं। मंत्री ने देसी शराब का उत्पादन करनेवाली इकाइयों को चेतावनी दी कि वे अगर उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुसार देसी शराब की आपूर्ति नहीं कर पाते हैं, तो विभाग की ओर से दूसरे राज्यों से देसी शराब मंगाकर राज्य में बिक्री की जाएगी। इधर, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री के रूप में योगेंद्र प्रसाद ने विभाग के सीनियर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें पाया कि जनवरी 2024 में सीएम ने हर विधानसभा क्षेत्र में 10 चापानल लगाने का निर्देश दिया था। छह माह में काम पूरा करना था, पर 8 माह में भी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि जल्द से जल्द चापानल लगाने के लक्ष्य को पूरा किया जाए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *