सरगुजा संभाग में बादलों की आवाजाही थमने के बाद फिर से न्यूनतम तापमान गिरने लगा है। पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं मैनपाट में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है। पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास बना हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार बादलों के छंटने के बाद न्यूनतम तापमान और गिरेगा। सरगुजा संभाग में नवंबर माह में ठंड ने सभी पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। हालांकि पिछले चार दिनों से बादलों की आवाजाही के कारण कड़ाके की ठंड से राहत मिली थी एवं न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। बादलों के छंटने के बाद सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड की वापसी शुरू हो गई है। अंबिकापुर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में अंबिकापुर का अधिकतम तापमान गिरकर 26.4 डिग्री दर्ज किया गया है। पाट क्षेत्रों में शीतलहरों के कारण फिर से ठंड की वापसी हो गई है। मैनपाट में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया है। बादल छंटते से ठंड की वापसी
उत्तर छत्तीसगढ़ में बादलों के कारण शीतलहरों पर ब्रेक लगा था। बादलों के छंटने के बाद फिर से शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों में बादल छंटते हुए नजर आएंगे एवं न्यूनतम तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान है। चक्रवात के असर से मौसम में होगा बदलाव मौसम विज्ञानी एएम भट्ठ ने कहा कि अंडमान सागर में लो प्रेशर सिस्टम बनने से चक्रवात बनने की संभावना है। इसका असर सरगुजा में बादलों के रूप में दिखेगा। यह सिस्टम आगे चक्रवात में बदलेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मौसम के बदलाव का असर जरूर पड़ेगा। फिलहाल सरगुजा में बादलों की आवाजाही कम होने से कड़ाके की ठंड की वापसी हो सकती है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान है। सरगुजा में ठंड की वापसी का असर पाट से लेकर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। शाम ढलने के बाद पाट क्षेत्रों में लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं और ठंड दूर करने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।


