गुना में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजे सड़क पर पेट के बल घिसटते हुए एक 9 माह बच्चा पुलिस को मिला। बच्चे के परिवार वाले सड़क किनारे गहरी नींद में सोते रहे और बच्चा रेंगते हुए सड़क के दूसरे किनारे पर पहुंच गया। गनीमत रही कि डायल 100 की टीम पहुंच गई और बच्चे को बचा लिया, नहीं तो कोई भी बड़ी घटना हो सकती थी। जानकारी के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात 1 बजे म्याना थाने के डायल-100/112 एफआरव्ही को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-100/112 म्याना से नईसरांय रोड पर एक्सीडेंट होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर डायल-100 में तैनात आरक्षक अमन चीमा और पायलेट ब्रजेश प्रजापति घटना स्थल के लिए रवाना हुए। रास्ते में डायल-100 स्टाफ को एक 9 महीने का बच्चा रोड किनारे क्रॉलिंग (पेट व घुटनों के बल घिसटते हुए) करते हुए दिखाई दिया। डायल-100 स्टाफ ने तुरंत बच्चे को रोड से उठा कर अपने संरक्षण में लिया। आसपास देखा तो कुछ दूरी पर सड़क के दूसरी ओर बच्चे के परिजन सोते हुए मिले। पास में ही एक बाइक खड़ी दी। सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। पुलिस ने परिजनों को जगाया पुलिस टीम ने उन्हें जगाया। काफी देर आवाज लगाने के बाद वह जागे। बच्चे के परिजनों ने जानकारी दी कि वह पूनमखेड़ी गांव से जालमपुर गांव जा रहे थे। दूरी ज्यादा होने और ठंड अत्यधिक होने के कारण रास्ते में अलाव जलाकर बैठे थे। इसी दौरान अचानक नींद लग गयी थी। इस दौरान बच्चा क्रॉलिंग करते हुए रोड को पार करके दूसरी तरफ खेतों की ओर चला गया था। बच्चे को सकुशल पाकर परिजन ने डायल-100 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-100 जवानों ने बच्चे के परिजनों की रुकने की व्यवस्था कराई इसके बाद डायल-100 जवानों ने पास के ही एक घर में अलाव जलाया। उन्हें कंबल उपलब्ध करा कर उनके रुकने की व्यवस्था कराई। सुबह दंपती अपने बालक के साथ अपने गांव जालमपुर के लिए रवाना हुए। गनीमत रही कि बच्चा जोर-जोर से रो रहा था और उसकी आवाज टीम को सुनाई दे गई। अगर टीम समय पर नहीं पहुंचती तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था।


