जगराओं में समाजसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और किसान मजदूर जत्थेबंदियों ने जालंधर में हाल ही में हुई 13 वर्षीय बच्ची की हत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। इन संगठनों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग की है। किसान नेता हरदेव सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में वक्ताओं ने इस घटना को “पंजाब समाज और मानवता पर एक बड़ा कलंक” बताया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि यदि आरोपी अमृतधारी सिख था, जैसा कि कहा जा रहा है, तो यह पंजाब की धार्मिक संस्थाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। क्रांतिकारी केंद्र पंजाब के महासचिव कंवलजीत खन्ना ने इस मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि होशियारपुर की घटना के बहाने प्रवासी मजदूरों को निकालने और अपमानित करने वाले लोग इस दर्दनाक मामले पर चुप हैं। उन्होंने जोर दिया कि एक अपराधी की सजा पूरे समुदाय या धर्म को दोषी ठहराने का आधार नहीं हो सकती। खन्ना ने भारतीय समाज में मौजूद पुरुष प्रधान सोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी महिला को भोग की वस्तु या बच्चे पैदा करने की मशीन समझने की मानसिकता व्याप्त है, जो पंजाब सहित पूरे देश के लिए एक कलंक है। रोजाना दिल दहला देने वाली घटनाएं हो रही उन्होंने बिलकिस बानो, निर्भया, आसिफा और किरणजीत कौर जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस “पवित्र मानी जाने वाली धरती पर रोजाना ऐसी दिल दहला देने वाली घटनाएं हो रही हैं।” कंवलजीत खन्ना ने सोशल मीडिया पर फैल रहे अश्लील कंटेंट और युवाओं के दिमाग में भरे जा रहे “कचरे” को भी इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने घोषणा की कि इस गंभीर मुद्दे पर जल्द ही एक बड़ी जनचर्चा आयोजित की जाएगी। बैठक में ये लोग रहे मौजूद बैठक में गुरमेल सिंह रूमी (जम्हूरी किसान सभा), गुरदयाल सिंह तलवंडी (दशमेश मजदूर किसान यूनियन), अवतार सिंह गागड़ा (पेंशनर्स एसोसिएशन) और पाल सिंह मलक सहित कई अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।


