मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। गोरखनाथ मंदिर से बरगदवा रोड पर स्थित भाटी विहार मोहल्ले में बना यह कांप्लेक्स गोरखपुर का पहला मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स है। इसमें कई खेलों की सुविधाएं मिलेंगी। 2 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA)द्वारा किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री की विधायक निधि (विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि) से 3 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जबकि लगभग 2.23 करोड़ रुपये GDA ने अवस्थापना निधि से दिए हैं। मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण कार्य 24 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था। अब इसके बन जाने से खेल प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म उपलब्ध हो गया है। जीडीए उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन का कहना है कि मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स गोरखपुर के युवाओं के लिए नई सौगात है। इसका काम 17 महीने में पूरा किया गया है। मिलेंगी ये सुविधाएं
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में इंडोर गेम्स के लिए जिम, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, बैडमिंटन कोर्ट, राइफल व पिस्टल शूटिंग रेंज,मल्टी परपज हाल आउटडोर गेम्स के लिए 300 मीटर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक,लॉन टेनिस कोर्ट आदि का निर्माण कराया गया है। यहां वॉलीबॉल,कुश्ती कोर्ट और क्रिकेट नेट प्रैक्टिस रेंज भी बना है। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में टॉयलेट ब्लाक,पेयजल आदि की भी मुकम्मल व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का लोकार्पण दोपहर बाद 2 बजे से किया जाएगा। लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जीडीए उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन, सचिव यूपी सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह आदि ने निरीक्षण किया। उन्होंने मंच आदि की व्यवस्था देखी। लोकार्पण की तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने को कहा। देखेंगे नाले के पानी का प्राकृतिक विधि से शोधन की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री नगर निगम की ओर से प्राकृतिक विधि से किए जा रहे नाले के पानी के शोधन प्रक्रिया को देखने तकिया घाट जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 2.9 करोड़ रुपये की लागत आयी है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव व नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने इसका निरीक्षण किया। ऐसे हो रहा शोधन तीन किमी लम्बा तकियाघाट नाला हार्बर्ट बांध इलाहीबाग रेगुलेटर से हनुमानगढ़ी मंदिर, तकियाघाट होते हुए राजघाट के पास राप्ती में गिरता है। यह लगभग 15 मोहल्लों से होकर गुजरता है। इस नाले के पानी को पर्यावरणविद् प्रोफेसर सीआर बाबू की सलाह पर प्राकृतिक विधि से शोधित किया जा रहा है। राप्ती में इस नाले से रोजाना करीब 200 एमएलडी नाले का पानी शोधित होकर गिर रहा है। नाले की ड्रेजिंग कर तलहटी में बोल्डर पिचिंग की गई है। नाले के दोनों तरफ कच्चा बांध बना उस पर सड़क बनाई गई है। नाले में आने वाले गंदे पानी को फिल्टर करने के लिए प्रत्येक 50 से 90 मीटर दूरी पर 34 राक फिल्टर (गैबियन) और पत्थर की चिनाई वाली दीवारें बनाई गई हैं। रॉक फिल्टर के बीच के हिस्सों में जलीय पौधे लगाए गए हैं। पत्थरों को एल्युमीनियम के तार से बांधा गया हैं। इसके अतिरिक्त तकियाघाट नाले से जुड़े सभी नालों के जुड़ाव स्थल पर ह्यूम पाइप डालकर पत्थर की चिनाई कर दर्जन भर चेक डैम बने हैं ताकि पानी फिल्टर होकर मुख्य नाले में जाए। प्लास्टिक और पॉलीथिन को रोकने के लिए लोहे की जालियां लगाई गईं हैं। ट्रांसपोर्टनगर में रैन बसेरे का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूर्वाह्न काल ट्रासंपोर्टनगर में नगर निगम द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर गरीबों और असहायों के बीच कंबल वितरण भी करेंगे।


