झांसी में 200 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए एक आरोपी को 17 साल बाद कोर्ट ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। नहीं देने पर तीन माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला गुरुवार को एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश कनिष्क सिंह ने सुनाया है। पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा था विशेष लोक अभियोजक दीपक तिवारी ने बताया कि दरोगा रामप्रकाश अवस्थी ने सीपरी बाजार थाना में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 19 फरवरी 2007 को वह पुलिस बल के साथ ग्वालियर रोड पर प्रीपतपुर तिराहे के पास पहुंचे। तभी एक व्यक्ति करारी स्टेशन की तरफ से कच्चे रास्ते पर आता हुआ दिखाई दिया। वह पुलिस टीम को देखकर वापस भागने लगा। तब दौड़कर घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान प्रीतमपुर गांव निवासी मुकेश पुत्र मेहरबान बरार के रूप में हुई थी। उसके पास से 200 ग्राम चरस और दो कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस ने एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया था। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को 200 ग्राम चरस रखने का दोषी माना और सजा सुना दी। रेलवे एसपी ने किया सम्मानित झांसी रेलवे पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव ने राज्य सरकार की ओर से अभियोजन कार्यों एवं एनडीपीएस एक्ट के मुकदमों के निस्तारण में शानदार काम करने के लिए विशेष लोक अभियोजक दीपक तिवारी को सम्मानित किया। एसपी ने उनको प्रशस्ति पत्र दिया है। 2023 में झांसी डीएम ने तिवारी को सम्मानित किया था।


