लहचूरा गोलीकांड में MLA ने कलेक्टर से की मुलाकात:गोहद विधायक केशव देसाई बोले- गांव वालों के साथ हो रहा अन्याय, सीएम से करूंगा शिकायत

भिंड जिले के गोहद विधानसभा के विधायक केशव देसाई ने लहचूरा गोलीकांड को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने गांव के लोगों के शस्त्र लाइसेंस बहाल करने की मांग उठाई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लहचूरा गांव के निवासियों के साथ अन्याय हो रहा है। इस मुद्दे को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष रखकर न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। गोहद विधायक ने बताया कि मालनपुर थाना क्षेत्र के लहचूरा गांव में गोलीकांड के बाद ग्रामीणों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। पूरा गांव भय और आतंक के साये में है। विधायक ने कहा कि गांव की जमीन पर पहले से ही माफिया की नजर थी। जब माफिया ने इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया, तो विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि ग्रामीणों की बात सुने बिना ही उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए और लाइसेंस जमा करने के आदेश जारी कर दिए गए। 50 साल से शांति का प्रतीक रहा लहचूरा गांव विधायक ने कहा कि लहचूरा गांव का पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो यहां कोई भी हत्या की घटना नहीं हुई है। यह गांव हमेशा से शांति का प्रतीक रहा है। ग्रामीण खेती-बाड़ी कर अपने जीवन-यापन में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि मालनपुर इंडस्ट्रियल एरिया से सटी इस गांव की जमीन पर माफिया ने अपनी नजर गड़ा रखी है। ग्रामीण पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं, लेकिन अब माफिया ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्रियां करवा ली हैं। शस्त्र लाइसेंस बहाली की मांग गुरुवार को कलेक्टर से मुलाकात में विधायक देसाई ने कहा कि ग्रामीणों को माफिया और गुंडों से बचाने के लिए शस्त्र लाइसेंस बहाल किए जाएं। विधायक बोले कि माफिया के इशारे पर काम करने वाले गुंडे किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग गांव के सीधे-साधे निवासियों को धमका रहे हैं। विधायक ने मांग की कि ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके शस्त्र लाइसेंस बहाल किए जाएं ताकि वे आत्मरक्षा कर सकें। उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाने की भी बात कही। क्या है लहचूरा हत्याकांड दरअसल मालनपुर का लहचूरा गांव में सिधिया राज परिवार के नजदीकी डीके जाधव की 1300 बीघा जमीन थी। जिस पर लंबे समय से गांव के किसान खेती करते आ रहे थे। इस जमीन पर मौरसी किसान (एक तरह के कब्जाधारी) अपना हक जता रहे थे। इधर जाधव परिवार के वंशजों ने जमीन मुरैना और ग्वालियर के प्रॉपर्टी डीलरों को बेच दी थी। इसके बाद बीते रविवार को कब्जा करने गए प्रॉपर्टी डीलर और किसानों के बीच गोली चली थी जिसमें मुरैना के रहने वाले एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हुआ था।

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