BJP का सवाल-बिट्टू गद्दार तो घुबाया-धर्मवीर गंधी क्या?:राहुल गांधी ने सिख समुदाय का अपमान किया, माफी मांगें, पंजाब को लेकर दोहरा मापदंड क्यों

रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहने के मसले पर पंजाब भाजपा सहित सेंटर की लीडरशिप ने कांग्रेस को घेरा। BJP ने सवाल पूछा कि अगर राहुल गांधी पार्टी छोड़ना गद्दारी मानते हैं, तो अकाली दल से कांग्रेस में आए शेर सिंह घुबाया और आप से कांग्रेस में आए डॉ. धर्मवीर गांधी को राहुल गांधी क्या कहेंगे? भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के हर मामले को लेकर दोहरे मापदंड हैं।
गद्दार शब्द इस्तेमाल करने वाले राहुल गांधी यह क्यों नहीं बताते कि उनकी पार्टी का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ क्या समझौता हुआ है। सिखों को गद्दार कहने वाली कांग्रेस ने आज तक 1984 के दंगों के दोषियों को सजा दिलाने के बजाय उन्हें संरक्षण क्यों दिया है। भाजपा नेता हरदीप पुरी, मनजिंदर सिंह सिरसा, अरविंदर लवली, पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़, कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा इस मसले पर कांग्रेस से लगातार सवाल कर रहे हैं। BJP ने राहुल गांधी की तरफ से 4 फरवरी को राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि पूरे सिख समुदाय का अपमान है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सिखों का देश के लिए अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि 1984 में श्री अकाल तख्त पर हमला कांग्रेस पार्टी की सिख विरोधी मानसिकता और उसके दोहरे मापदंडों का हिस्सा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगा और राहुल गांधी इसके लिए माफी मांगें। भाजपा ने उठाए 3 अहम सवाल रवनीत सिंह बिट्टू के पलटवार की अहम बातें
जानें राहुल गांधी के गद्दार मुद्दे पर किस नेता ने क्या कहा नाराजगी अपनी जगह, राहुल को भाषा की मर्यादा समझनी चाहिए
श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मैं सिख होने के नाते राहुल गांधी की बिट्टू पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं। गद्दार वो होता है तो देश के खिलाफ खड़ा हो, जिसने देश को दांव पर लगा दिया हो या जासूसी की हो। रवनीत बिट्टू जिसके दादा ने शहादत दी हो, उसके लिए इस शब्द का उपयोग करना आपत्तिजनक है। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, उनकी नाराजगी समझी जा सकती है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। खुद को देश का मालिक समझता कांग्रेस परिवार
अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि एक परिवार खुद को देश का मालिक समझता है। उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि किस तरह एक साधारण सांसद के रूप में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के कैबिनेट द्वारा लाए गए अध्यादेश को फाड़कर उनका अपमान किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के सभी प्रमुख सिख चेहरे पार्टी छोड़ चुके हैं क्योंकि समस्या व्यक्तियों में नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता में है। गांधी परिवार सिखों के प्रति नफरत को छोड़े
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सिखों को बार-बार आतंकवादी या गद्दार कहना कांग्रेस की पुरानी आदत है। सिख सरदार और राहुल गांधी गद्दार। सिरसा ने कहा कि सिखों की वफादारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता और गांधी परिवार को सिखों के प्रति अपनी नफरत भरी मानसिकता को छोड़ना होगा।

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