BTR से 3.5 साल की बाघिन मुकुंदरा भेजी गई:सफर में हर घंटे स्वास्थ्य निगरानी; ना टेरिटरी ना बच्चे, अब राजस्थान में बनेगी मां

उमरिया के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से साढ़े तीन साल की एक बाघिन को राजस्थान के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा गया है। यह पहली बार है जब बांधवगढ़ से किसी बाघिन को मुकुंदरा शिफ्ट किया गया है। बाघिन ने लगभग 700 किलोमीटर की यात्रा अधिकारियों और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में पूरी की। बांधवगढ़ से मुकुंदरा पहुंची बाघिन, 700 किमी सफर बाघिन ने अपनी यात्रा बांधवगढ़ के पनपथा जंगल से शुरू की और पन्ना होते हुए मुकुंदरा टाइगर रिजर्व पहुंची। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर और डॉक्टरों की एक टीम पूरे 700 किलोमीटर के सफर में हर घंटे बाघिन की लगातार निगरानी कर रही थी। उसे दोपहर करीब 12 बजे बांधवगढ़ से एक विशेष वाहन में राजस्थान के लिए रवाना किया गया था। बाघिन को 28 फरवरी को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में एक बाड़े में छोड़ा गया। यह दिन, जो लगभग चार वर्षों में एक बार आता है, बाघिन के लिए एक महत्वपूर्ण नया पड़ाव था। NTCA निर्देश पर बिना टेरिटरी वाली बाघिन चयनित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्देश के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने बाघिन को भेजने का निर्णय लिया। प्रबंधन को बाघिन के चयन में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चयन के लिए यह सुनिश्चित किया गया कि बाघिन ने अपनी कोई टेरिटरी न बनाई हो और न ही उसके कोई बच्चे हों। इसके अलावा, बाघिन का स्वस्थ होना और आसानी से शिकार करने में सक्षम होना भी महत्वपूर्ण मानदंड थे, क्योंकि उसे दूसरे प्रदेश और टाइगर रिजर्व में जाना था। इन सभी बिंदुओं पर खरा उतरने के बाद, पनपथा के जंगल में घूम रही इस बाघिन का चयन किया गया। लगभग एक महीने की निगरानी के बाद, 27 फरवरी की सुबह हाथियों और लगभग 50 सदस्यीय टीम की मदद से बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया। स्वस्थ बांधवगढ़ बाघिन मुकुंदरा में नई टेरिटरी बनाएगी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने जब बताया तो चुनौतियां सामने आई अनुपम सहाय ने बताया कि हमने बाघिन को एक महीना ट्रैक किया। इसके बाद बाघिन स्वस्थ मिली बाघिन शिकार भी कर रही थी और जिसे वन विभाग की भाषा में बोले बाघिन तंदरुस्त थी और दूसरे जंगल में टेरिटरी बनाने के लिए उपयुक्त थी। इसलिए इस बाघिन को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा गया है टाइगर रिजर्व के लिए यह भी गर्भ की बात है कि बांधवगढ़ की बाघिन राजस्थान में अपनी टेरिटरी मनाएगी बाघिन की उम्र लगभग 3 साल 6 महीने होगी।

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