इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जनवरी 2026 में हुई CA Final परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेडा निवासी जयंत वड़ारा ने ऑल इंडिया लेवल पर 10वीं रैंक हासिल की है। इस बार सीए फाइनल परीक्षा में दोनों ग्रुप मिलाकर कुल 22,293 अभ्यर्थी पास हुए हैं। परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 10.97% रहा है। यह रहा स्टूडेंट्स का पासिंग प्रतिशत ग्रुप-1 में 21.03% स्टूडेंट्स सफल: जारी आंकड़ों के अनुसार ग्रुप-1 परीक्षा में 53,652 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 11,282 स्टूडेंट्स पास हुए। इस ग्रुप का पास प्रतिशत 21.03% रहा।
ग्रुप-2 में 9.76% स्टूडेंट्स पास हुए: ग्रुप-2 में कुल 38,169 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 3,726 स्टूडेंट्स सफल घोषित किए गए। इस ग्रुप का पास प्रतिशत 9.76% दर्ज किया गया। दोनों ग्रुप साथ पास करने वाले 7,590 बने चार्टर्ड अकाउंटेंट
ICAI के अनुसार दोनों ग्रुप एक साथ पास करने वाले 7,590 अभ्यर्थियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की योग्यता हासिल की है। संस्थान ने परीक्षा के ऑल इंडिया टॉपर्स और उनके प्राप्त अंकों की जानकारी भी जारी की है।
अभ्यर्थी ICAI की आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर अपना रिजल्ट देख और डाउनलोड कर सकते हैं। टॉपर जयंत की दोनों बहनें और जीजा भी सीए
ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल करने वाले जयंत ने बताया कि उन्होंने शुरुआती पढ़ाई जेके स्कूल, निंबाहेड़ा से की। 10वीं क्लास में 94.2 प्रतिशत मार्क्स आए थे। 12वीं में 97.8 प्रतिशत अंकों के साथ चित्तौड़गढ़ डिस्ट्रिक्ट टॉपर रहा था। नई दिल्ली के हंसराज कॉलेज से बीकॉम ऑनर्स किया, जहां 9.4 सीजीपीए के साथ यूनिवर्सिटी में दूसरा स्थान हासिल किया। ग्रेजुएशन के साथ-साथ सीए की पढ़ाई भी की। साल 2022 में सीए इंटरमीडिएट (आईपीसीसी) परीक्षा में ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल की थी। इसके अलावा सीएफए लेवल-1 में भी 90 परसेंटाइल प्राप्त किए। अब सीए फाइनल में ऑल इंडिया 10वीं रैंक आने पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार से मिली इंस्पिरेशन जयंत के पिता समरथ वडारा (63) निंबाहेड़ा कृषि उपज मंडी में व्यापारी हैं, जबकि मां मधु वडारा (55) महिला एवं बाल विकास विभाग, निंबाहेड़ा में महिला पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत हैं। दो बड़ी बहनें अवनी और तनवी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। इसके अलावा बड़े जीजा निखिल छाजेड़ और छोटे जीजू पुलकित अरोड़ा भी CA है। जयंत का कहना है कि घर की दीवार पर लगी दोनों बहनों की डिग्रियां देखकर उनके मन में भी एक दिन अपनी डिग्री लगाने का सपना था, जो अब पूरा हो गया है। दोनों बहनें और मां को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा मानते हैं। मुंबई में पूरी कर रहे हैं ट्रेनिंग, आगे कंसल्टिंग में बनाना है करियर जयंत ने बताया कि सीए फाइनल की परीक्षा 16 जनवरी को समाप्त हुई थी। वर्तमान में वे मुंबई में अपनी तीन साल की आर्टिकलशिप ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं, जिसमें दो महीने का समय बाकी है। छोटे शहर से निकलकर बड़े स्तर पर पढ़ाई करने का सपना उन्होंने बचपन से देखा था। नई जगह जाकर पढ़ने से सोच का दायरा बढ़ता है और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। फिलहाल 2 से 3 साल नौकरी कर अनुभव हासिल करना चाहते हैं और भविष्य में कंसल्टिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।


